23 साल बाद फिर पावर में आया मदेरणा परिवार, पहले पिता-पुत्र अब मां-बेटी की जोड़ी MLA-जिला प्रमुख
जोधपुर, 7 सितम्बर। राजनीति में इतिहास कभी भी खुद को दोहरा सकता है। इस बात का ताजा उदाहरण राजस्थान का मदेरणा परिवार है। यह परिवार 23 साल बाद फिर से पावर में आया है। फर्क बस इतना है कि पहले पिता-पुत्र की जोड़ी थी और इस बार मां-बेटी की।

राजनीति में लंबे समय तक राज किया
बता दें कि जोधपुर के परसराम मदेरणा व उनके बेटे महिपाल मदेरणा ने राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक राज किया। दोनों कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे। मंत्री बनने समेत कई महत्वपूर्ण पद संभाले। साल 1982 से वर्ष 2003 तक तो ऐसा मौका आया कि पिता परसराम मदेरणा विधायक और बेटा महिपाल मदेरणा जिला प्रमुख। अब यही स्थिति बनी है। बेटी दिव्या मदेरणा विधायक और मां लीला मदेरणा जिला प्रमुख हैं।

लीला मूलरूप से झुंझुनूं जिले के कांट गांव की बेटी
जयपुर-जोधपुर समेत छह जिलों में हाल ही सम्पन्न हुए राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 में जोधपुर जिला प्रमुख महिपाल मदेरणा की पत्नी लीला मदेरणा निर्वाचित हुई हैं। लीला मूलरूप से झुंझुनूं जिले के कांट गांव की बेटी है। इससे पहले लीला की बेटी दिव्या मदेरणा राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में जीतकर विधायक चुनी गई थी।
जोधपुर जिला सीएम अशोक गहलोत का गृह जिला
बता दें कि जोधपुर जिला सीएम अशोक गहलोत का गृह जिला है। यहां कभी राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की सूची में परसराम मदेरणा व महिपाल मदेरणा का नाम भी शुमार था, मगर परसाराम मदेरणा ने 2003 के बाद चुनाव लड़ना छोड़ दिया और बेटा महिपाल मदेरणा दस साल पहले भंवरी देवी हत्याकांड जेल चले गए। 1998 यानी 23 साल पहले स्थिति यह थी कि महिपाल मदेरणा जोधपुर जिला प्रमुख व परसाराम मदेरणा विधायक थे।

23 साल पहले वाली स्थिति वापस आ गई
महिपाल मदेरणा भंवरी देवी केस में फंसे तब उन्हें राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार में मंत्री पद से बर्खास्त नहीं होना पड़ा था। तब एक बारगी तो ऐसा लगा था कि अब मदेरणा परिवार का राजनीति का सफर शायद खत्म हो गया, मगर फिर बेटी दिव्या मदेरणा ओसियां से विधायक व मदेरणा की पत्नी लीला जोधपुर की जिला प्रमुख बनी तो इस परिवार में 23 साल पहले वाली स्थिति वापस आ गई है।












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