अनिल महतो 'टाइगर' कौन थे? जिनकी हत्या के बाद किया गया झारखंड बंद
Anil Mahato Tiger Murder: झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार 26 फरवरी 2025 को दिनदहाड़े भाजपा नेता अनिल महतो उर्फ अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रांचाी के कांके चौक पर मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने भाजपा के टाइगर पर ताबड़तोड़ गोलियां चला कर उनकी हत्या कर दी।
भाजपा नेता टाइगर की दिनदहाड़े निर्मम हत्या के बाद भारतीय जना पार्टी आगबबूला हो चुकी है। भाजपा ने ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू), जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) और झारखंड लोकतांत्रिक एवं क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलएकेएम) समेत विभिन्न राजनीतिक और नागरिक संगठनों ने साथ मिलकर झारखंड बंद किया है। आइए जातने हैं कौन थे अनिल महातो टाइगर जिनकी निर्मम हत्या कर दी गई है?

कौन थे अनिल महतो 'टाइगर'?
अनिल महतो को लोग प्यार से भाजपा के टाइगर के नाम से भी जानते हैं। टाइगर भाजपा के एक प्रमुख नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य हैं। 'टाइगर' एक अनुभवी राजनेता रहे और भाजपा और पहले आजसू से जुड़े रह और छात्रों के हितों में आवाज उठाते रहे। कांके महावीर मंडल के अध्यक्ष भी हाल ही में चुने गए थे। इससे पहले टाइगर इस पद पर चार बार रह चुके थे। स्थानीय राजनीति और नागरिक जीवन में टाइगर के योगदान, साथ ही उनकी अचानक और हिंसक मौत से उनके समर्थकों और भाजपा को तगड़ा झटका लगा है।
दिनदहाड़े टाइगर की हुई हत्या
बता दें 26 मार्च को टाइगर को रांची के कांके में दो मोटरसाइकिल हमलावरों ने बेरहमी से मार डाला था। कांके पुलिस स्टेशन के पास शिव मंदिर परिसर के होटल में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने समुदाय में सनसनी फैला दी और पूरे रांची में व्यापक हंगामा और प्रदर्शन भड़क गए। अपराधियों ने टाइगर पर उस समय हमला किया जब वह अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त था, पीछे से उसके सिर में गोली मारकर भाग गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
हत्या के बाद झारखंड बंद का आह्वान
घटना के बाद भाजपा और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इसके विरोध में दोनों दलों ने गुरुवार 27 मार्च को रांची बंद का आह्वान किया है और जनता से सहयोग की अपील की है।
बता दें टाइगर की हत्या के बाद गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए और कांके ब्लॉक चौक और बूटी मोड़ चौक जैसे प्रमुख चौराहों को बांस-बल्लियों से जाम कर दिया, टायर जलाए और पुलिस प्रशासन की कथित निष्क्रियता की तीखी निंदा की।
रांची में दिखा बंद का असर
हिंसा के मद्देनजर बंद का असर पूरे रांची में देखने को मिला, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं और विभिन्न दलों के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, टायर जलाए और प्रमुख सड़कों और बाजारों को बंद कर दिया। बंद का सामान्य लोगों के दैनिक जीवन में काफी व्यवधान उत्पन्न हुआ। रांची भर के स्कूल, खासकर बोर्ड परीक्षा केंद्रों के रूप में कार्यरत स्कूल, सुरक्षा के लिए बंद कर दिए गए, हालांकि परीक्षाएं निर्धारित समय पर हुईं।
भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने भाजपा के राज्य प्रवक्ता प्रतुल सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया, जिससे तनावपूर्ण माहौल और व्यापक सविनय अवज्ञा के बीच व्यवस्था बनाए रखने के अधिकारियों के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया।जेएलएकेएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने कहा "पार्टी ने गुरुवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है।" उन्होंने ऐसी दुखद घटना के मद्देनजर जवाबदेही और सुरक्षा की सामूहिक मांग को स्पष्ट किया।












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