शैलेंद्र महतो ने झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट के लिए सीएम सोरेन को लिखा पत्र
जमशेदपुर। पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने प्रदेश के हेमंत सोरेन सरकार पर झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट लाने का आरोप लगाया है। बता दें कि शैलेंद्र महतो ने पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन के साथ अलग झारखंड राज्य के मांग करने के लिए आंदोलन में साथ थे। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया है कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट (CNT-SPT Act) को खत्म करने के लिए झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट 2020 (Jharkhand Land Mutation Act 2020) ला रही है। पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड लैंड म्यूटेशन एक्ट 2020 को वापस लेने की मांग की है।

उन्होंने इस कानून को काला कानून करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जायेगा। झारखंड की जमीन पर हमला होगा, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। बोलेंगे, क्योंकि झारखंड आंदोलन के वे कप्तान रहे हैं। शैलेंद्र महतो ने हेमंत सोरेन को पत्र में लिखा कि वे तो झारखंड राज्य बनने के बाद राजनीति में आये हैं। झारखंड को बर्बाद करनेवाला यह काला कानून दिमाग में कहां से आया?
बता दें कि सरकार के सहयोगी ही इसका घोर विरोध कर रहे हैं। सरकार को समर्थन देने वाले विधायक इसे काला कानून बता रहे हैं। राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ रामेश्वर उरांव ने भी कहा है कि इस पर विचार किया जाना चाहिए। इसलिए यह जानना जरूरी है कि यह बिल है क्या और इसका विरोध क्यों हो रहा है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि उन्होंने कहा है कि ब्रिटिश काल और झारखंड आंदोलन में हजारों लोग शहीद हुए। उन्हें भी याद करें। मामला सिर्फ जल-जंगल-जमीन का था। शैलेंद्र महतो ने पत्र में हेमंत को लिखा कि वे गुरुजी शिबू सोरेन के बेटे हैं। पिता का आंदोलन देखा नहीं होगा, लेकिन सुना तो जरूर होगा। शिबू सोरेन ने जमीन माफियाओं, महाजनों से जमीन वापसी की लड़ाई लड़ी। हजारों की संख्या में हमारे साथी जेल में रहे।












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