छठ महापर्व को लेकर हेमंत सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन शुरू
रांची। कोरोना महामारी के चलते झारखंड सरकार ने छठ महापर्व को लेकर मनाही कर दी है, जिसके लिए चौतरफा विरोध किया जा रहा है। हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड में नदी, डैम, तालाब और सार्वजनिक जलाशयों पर छठ करने पर रोक लगाने का आदेश दिया है। आदेश जारी होने के बाद लगातार दूसरे दिन रांची में कई स्थानों पर विरोध हुआ।

भाजपा, कांग्रेस, झामुमो समेत कई राजनीतिक दल, विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने सरकार से रविवार की रात जारी गाइडलाइन में संशोधन करने की मांग की है। रांची में जुमार नदी बुटी मोड़ में सरकार के आदेशों के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आग्रह किया है कि सरकार गाइडलाइन में संशोधन करे। लोगों ने कहा कि छठ महापर्व पर सरकार के तुगलकी फरमान से आस्था पर चोट पहुंची है। सरकार इस फैसले को अविलम्ब वापस ले और जलाशयों में गाइडलाइन के साथ छठ करने की अनुमति दे।
कोरोना महामारी के चलते ऐसे ही लोग जागरूक हैं। खुद भीड़ से दूरी बनाकर रहेंगे। तालाब, नदी और डैम में छठ नहीं करने का आदेश हिन्दू आस्था पर चोट है। वहीं, मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने मंगलवार को जगन्नाथपुर तालाब, धुर्वा डैम, धुर्वा छोटा तालाब का निरीक्षण किया।
मेयर ने जगन्नाथ तालाब के आसपास फैली गंदगी को देख कर उसे बुधवार सुबह तक साफ करवाने का निर्देश दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि जनता पूजा को लेकर सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन से आक्रोश में हैं।












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