औरंगाबाद के व्यवसायी और उनके ड्राइवर का पुलिस ने बरामद किया कंकाल, अपहरण करने वालों ने की हत्या
पलामू। झारखंड के पलामू जिले के कंडा घाटी से बिहार के औरंगाबाद के रहने वाले व्यवसायी मिथिलेश प्रसाद और उनके ड्राइवर श्रवण प्रजापति की हत्या कर दी गई है। सोमवार को पुलिस ने दोनों के कंकाल बरामद किया है। इस मामले में मुख्य आरोपित देवघर पुलिस के एक सिपाही और उसके चार गुर्गों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अपराधियों के पास से पुलिस ने चार राइफल और 80 गोलियां भी बरामद की है। बता दें कि बीते 25 मई को एनएच-139 स्थित कंडा घाटी से रात को करीब पौन बारह बजे औरंगाबाद शहर के दानी बिगहा के रहने वाले व्यवसायी मिथिलेश प्रसाद और उनके ड्राइवर श्रवण प्रजापति का अपहरण कर लिया गया था।

इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के तौर पर 60 लाख रुपये की मांग की थी। 10 लाख रूपये मिलने के बाद भी अपहरणकर्ताओं ने दोनों की हत्या कर दी। दोनों के शवों के अवशेष पुलिस ने गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र के पुन्दागा गांव के पास से बरामद किये हैं।
मिथिलेश प्रसाद छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर में रहनेवाली अपनी बेटी से मिलने गए थे। इसके बाद कार से वह अपनी पत्नी के साथ औरंगाबाद लौट रहे थे। इस दौरान कंडा घाटी पहुंचने पर देवघर पुलिस के सिपाही व गढ़वा के पुन्दागा का रहने वाला प्रेमनाथ यादव ने अपने गैंग के साथ मिलकर उनका अपहरण कर लिया। अपहर्णकर्ताओं ने कार में व्यवसायी की पत्नी को छोड़ दिया और मिथिलेश तथा श्रवण को लेकर फरार हो गए।
अपहरण की इस घटना में पुलिस को एक गिरफ्तार आरोपी से कुछ अहम सुराग मिले थे। उनके आधार पर रविवार को देवघर के जसीडीह में परीक्षा ड्यूटी कर रहे सिपाही प्रेमनाथ यादव को पलामू पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपने चचेरे भाई अमरेश यादव, ममेरे भाई अजय यादव के साथ गैंग के खास गुर्गों पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित बुढ़ीवीर निवासी शफीक अंसारी और ओमप्रकाश चंद्रवंशी का नाम बताया। शफीक को पुलिस पहले ही दबोच चुकी थी। प्रेमनाथ से जानकारी मिलने के बाद बाकी तीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को सभी को जेल भेज दिया गया।












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