मॉब लिंचिंगः पेड़ काटने पर लोगों ने पंचायत में हत्या करने का किया फैसला और फिर युवक को पीटकर जिंदा जला दिया
सिमडेगा। एक तरफ जहां झारखंड में मॉब लिंचिंग जैसी घटना को रोकने के लिए सरकार कानून लाई वहीं प्रदेश के कुछ लोगों में अभी भी कानून का भय नहीं दिख रहा है। बीते मंगलवार को झारखंड के सिमडेगा जिले के कोलेबिरा थाना क्षेत्र के बेसराजरा बाजार के पास मॉब लिंचिंग की दिल दहल देने वाली घटना सामने आई है, जहां गांव के लोगों ने संजू प्रधान नाम के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पहले उसे बेरहमी से पीटा और फिर जिंदा जला दिया। हालांकि इस घटना को सीएम हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लेते हुए सिमडेगा डीसी को जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

जिले के एसपी शम्स तब्रेज ने बताया कि खुदकट्टी जमीन से पेड़ काटने को लेकर युवक की हत्या हुई है। युवक का अपराधिक इतिहास भी रहा है। दो थाना में नक्सली गतिविधि में शामिल होने का मामला दर्ज है और वन विभाग में मामला दर्ज है। एसपी ने कहा कि हत्या हुई है और उसकी जांच चल रही है। दरअसल, सिमडेगा के कोलेबिरा थाना क्षेत्र के बंदरचुंवा पंचायत के बेसराजरा गांव में लकड़ी की चोरी के आरोप में संजू प्रधान को गांव के लोगों ने जमकर पीटा और फिर जिंदा जलाकर मार डाला।
संजू को पिटता देख उसकी मां और पत्नी छोड़ देने की गुहार लगाती रहीं लेकिन गांव के लोगों ने किसी की नहीं सुनी। परिजनों के अनुसार ग्रामीणों ने संजू के घर में रखे लकड़ी को जलाकर घायल संजू को उसमें डाल दिया।सिमडेगा पुलिस ने बताया कि संजू प्रधान ने जिस पेड़ को काटा था वह मुंडा समुदाय के लिए इस पेड़ का धार्मिक महत्व है और वे इसके बारे में बहुत भावुक हैं। मृतक ने अक्टूबर 2021 में इन पेड़ों को काटा था। इससे भावनाओं को ठेस पहुंची थी। आज बड़ी संख्या में लोगों ने एक बैठक की और उसकी हत्या करने का फैसला किया।
वहीं गांव के लोगों का कहना है कि संजू बार-बार मना करने पर भी पेड़ काटकर लकड़ियां बेच देता था। तीन दिन पहले उसने फिर पेड़ काटा था। जब इसकी सूचना बंबलकेरा के ग्रामीणों को मिली तो मंगलवार की सुबह ग्रामसभा बुलाई गई। तीन घंटे चली बैठक के बाद ग्रामीणों ने संजू की हत्या का निर्णय लिया।












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