झारखंड पुलिस ने मेटा को क्यों लिखा पत्र? BJP पर fb-इंस्टा पर 'शैडो अकाउंट' बनाकर हेमंत को बदनाम करने का आरोप
Jharkhand Chunav 2024: झारखंड पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे दो अकाउंट के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की हैं। इन अकाउंट पर आरोप है कि विपक्षी दलों (भाजपा) और उनके उम्मीदवारों द्वारा सीधे तौर पर झामुमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति लोगों के मन में दुश्मनी और नफरत की भावना को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने इन "शैडो अकाउंट" के पोस्ट हटाने के लिए मेटा को अनुरोध भेजा है। इन अकाउंट के मालिकाना हक और फंडिंग का खुलासा नहीं किया गया है और कथित तौर पर राजनीतिक नतीजों को प्रभावित करने के लिए बनाए गए हैं। मेटा, दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी है। पुलिस ने अकाउंट को संभालने वालों का विवरण भी मांगा है।

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इस पेज के खिलाफ दर्ज किया गया है मामला?
रांची चौपाल नामक पेज के खिलाफ 8 नवंबर को रांची जिले के गोंडा और रातू थाने में दो मामले दर्ज किए गए थे। रांची के साइबर क्राइम थाने में झारखंड चौपाल पेज के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया। एफआईआर बीएनएस धारा 175 (चुनाव से जुड़े झूठे बयान) और 336 (2) (4) (जालसाजी) के साथ-साथ आईटी एक्ट धारा 66 (सी) और (डी) के तहत दर्ज की गई थी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के महासचिव विनोद पांडे ने सोशल मीडिया अकाउंट्स के बारे में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया था। जवाब में झारखंड के CEO के रवि कुमार ने 11 नवंबर को एक पत्र लिखा जिसमें कहा गया कि राज्य पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मेटा से इन पेजों के एडमिनिस्ट्रेटर का विवरण मांगा है और उनके पोस्ट को हटाने के लिए कहा है।
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CM हेमंत सोरेन ने पूरे मामले पर क्या कहा?
सीएम सोरेन ने एक्स पर आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा चलाए जा रहे 'शैडो अकाउंट' के जरिए उनकी और राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए फेसबुक विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
सीएम ने लिखा, ''पिछले 30 दिनों में 'झारखंड चौपाल' और 'रांची चौपाल' जैसे विभिन्न अकाउंट से 72 लाख रुपये के विज्ञापन और पेड बूस्ट किए गए हैं। अगर आप इन पेजों का कंटेंट देखेंगे, तो आप समझ जाएंगे कि इनका एकमात्र उद्देश्य मेरी और राज्य की छवि को खराब करना, धार्मिक उन्माद फैलाना और लोगों को आपस में लड़ाना है।''
भाजपा ने पूरे मामले पर क्या कहा?
आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा ने कहा है कि वह सोरेन सरकार की आलोचना करने वाले सभी प्लेटफॉर्म को नियंत्रित नहीं करती है। हाल ही में दर्ज की गई एफआईआर में कई पोस्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें 4 नवंबर को की गई एक पोस्ट भी शामिल है, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया था कि सोरेन राज्य में "लव जिहाद का प्रचार" करने के लिए जिम्मेदार हैं।
रांची चौपाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 3 नवंबर को रांची से जेएमएम उम्मीदवार महुआ मांझी की एक तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें उन्हें "बांग्लादेशी कहा गया था जो आतंकवाद का समर्थन करती है और विभाजनकारी राजनीति करती है"। रांची पुलिस के मुताबिक तीनों एफआईआर में जांच चल रही है।
भाजपा प्रवक्ता अजय शाह ने कहा कि कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भाजपा का समर्थन "सच्चे प्यार और सम्मान" के कारण करते हैं और पार्टी उन पर नियंत्रण नहीं रखती। उन्होंने कहा, "इसके अलावा, कई सार्वजनिक भावना वाले प्लेटफॉर्म हैं जो हेमंत सरकार की पीड़ा और हताशा के कारण आलोचना करते हैं। हालांकि, हम ऐसे सभी प्लेटफॉर्म को नियंत्रित या देखरेख नहीं करते हैं।"












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