झारखंडः उग्रवादी के शक में सीआरपीएफ के जवानों ने ईसाइयों के पूर्व धर्म प्रचारक रोशन होरो को गोली मार दी
खूंटी। झारखंड के खूंटी जिले के मुरहू में शुक्रवार की सुबह उग्रवादी के शक में सीआरपीएफ के जवानों ने ईसाइयों के पूर्व धर्म प्रचारक रोशन होरो को गोली मार दी, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह वारदात रूमुतकेल पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, एदेलबेड़ा के पास घटी। घटनास्थल मृतक रोशन के घर से डेढ़ किमी दूर है। रोशन कोयोंगसार गांव का निवासी था।

बाद में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रोशन के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पूरी घटना की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मृतक रोशन डेढ़ साल पहले तक सीएनआई चर्च के प्रचारक था। उसका छोटा भाई जुनास फौज में है। सबसे छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। रोशन पिता के साथ घर में खेती करता था। उसकी तीन बेटियां हैं। रोशन की मां रानिमी और पत्नी जोसफीना ने बताया कि वह नगाड़ा बनवाने के लिए सुबह घर से चमड़ा लेकर सांडीगांव में जादो के घर जाने की बात कहकर बाइक से निकला था।
यह आशंका जताई जा रही है कि शायद इसी दौरान उग्रवादियों की टोह में निकली सीआरपीएफ की टीम सामने आ गई। रोशन इस बात को लेकर डर गया होगा कि उसके पास चमड़ा है, इस कारण पुलिस उसे पकड़ लेगी। उसने भागने की कोशिश की होगी। दूसरी ओर सीआरपीएफ ने समझा कि सुबह उग्रवादी भाग रहा है। यह सोचकर सीआरपीएफ ने गोली चला दी। घटनास्थल के पास खून के धब्बे मिले हैं जिसे प्लास्टिक की बोरियों से ढक दिया गया था।
सुबह पांच बजे रूमुतकेल से गुजरी थीं सीआरपीएफ की टीम
रूमुतकेल के ग्रामीणों के मुताबिक सीआरपीएफ जवान सुबह पांच बजे गांव से लगभग 30 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर जा रहे थे। सीआरपीएफ की टीम एदेलबेड़ा वाले रास्ते की तरफ गई थी। इस दौरान कुछ ही देर में तीन-चार गोलियों की आवाजें सुनाई पड़ी। ग्रामीणों ने समझा कि पुलिस और उग्रवादियों में मुठभेड़ हुई होगी। हालांकि बाद में लोगों को इस बात की जानकारी हुई कि गोलियों से रोशन होरो की मौत हो गई है।












Click it and Unblock the Notifications