'परिस्थिति ना बदले, तो खुद को बदलो', झारखंड चुनाव से पहले कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष BJP में हुए शामिल
Congress Manas Sinha: झारखंड में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ हफ्ते पहले टिकट न दिए जाने के बाद सोमवार (28 अक्टूबर) को पार्टी छोड़ दी और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र रे ने राज्य में पार्टी के सह-प्रभारी एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में मानस सिन्हा को पार्टी में शामिल किया।

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मानस सिन्हा बोले- कांग्रेस पार्टी में कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं है
मानस सिन्हा ने कहा कि उन्होंने 27 साल तक कांग्रेस को खून-पसीना बहाया और आंसू बहाए, लेकिन अब उन्हें यकीन हो गया है कि कांग्रेस में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए कोई सम्मान नहीं है। मानस सिन्हा ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर भाजपा में शामिल हो रहा हूं। मैं बिना किसी शर्त के भाजपा में शामिल हो रहा हूं।"
सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर मानस सिन्हा ने लिखा, ''जब परिस्थितियों को बदलना संभव ना हो, तो स्वयं को बदल लेना उचित होता है।''
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मानस सिन्हा गढ़वा जिले की भवनाथपुर सीट से चाहते थे टिकट
मानस सिन्हा गढ़वा जिले की भवनाथपुर सीट से कांग्रेस के टिकट के दावेदार थे, जिसे सत्तारूढ़ भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन (आईएनडीआईए) के सीट-बंटवारे के समझौते के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को आवंटित किया गया था।
भवनाथपुर कांग्रेस का गढ़ रहा है और पार्टी ने सात बार सीट जीती है। 2019 में भाजपा में शामिल हुए भानु प्रताप शाही इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह पूर्व कांग्रेस विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, जो अब झामुमो के साथ हैं।
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के लिए चुनाव 13 और 20 नवंबर को दो चरणों में होंगे। सत्तारूढ़ गठबंधन ने 47 सीटें जीतीं और 2019 में सरकार बनाई।
भाजपा को उम्मीद है कि इस महीने हरियाणा में अप्रत्याशित जीत का असर झारखंड में भी देखने को मिलेगा। झारखंड में इस साल गर्मियों में हुए लोकसभा चुनावों में यह 14 में से आठ सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। झामुमो ने तीन और सहयोगी कांग्रेस ने दो लोकसभा सीटें जीतीं। आजसू पार्टी ने शेष लोकसभा सीट जीती।












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