चम्पाई सोरेन, बाबूलाल मरांडी या अर्जुन मुंडा...इन 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों में से कौन होगा भाजपा का CM फेस?
झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) तैयारियों में लग गई है। भाजपा इस बार एनडीए सहयोगियों की मदद से राज्य में हेमंत सोरेन को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश करेगी। भाजपा ने इस बार जो रणनीति बनाई है, उसमें बड़े आदिवासी चेहरों को विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी है।
भाजपा के लिए फिर भी झारखंड में सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री चेहरे का है। भाजपा किसके चेहरे पर इस बार का विधानसभा चुनाव लड़ेगी? ये सवाल अब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी भाजपा से करने लगी है।

जेएमएम से भाजपा में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के आने के बाद ये सवाल सोशल मीडिया पर भी किया जा रहा है। जेएमएम ने बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, चम्पाई सोरेन, सीता सोरेन, मधु कोड़ा और अमर कुमार बाउरी का नाम लेकर रघुवर दास को टैग करके पूछा है कि बताइए इनमें से आप की पार्टी से कौन हैं, जो हेमंत सोरेन जी के सामने CM का चेहरा होंग?
भाजपा झारखंड में किसे बनाएगी CM?
असल में जेएमएम के इस सवाल का जवाब फिलहाल भाजपा ने नहीं दिया है। भाजपा ने अभी तक सीएम फेस के नाम की घोषणा नहीं की है। भाजपा के पास इस बार चार नेता ऐसे हैं, जो झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसमें बाबू लाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, चम्पाई सोरेन और मधु कोड़ा का नाम शामिल है। मधु कोड़ा आज (31 अगस्त) को ही भाजपा में शामिल हुए हैं।
पहले भाजपा ने बाबूलाल मरांडी का नाम आगे किया था। बाबूलाल मरांडी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। लेकिन अब रेस में अर्जुन मुंडा और चम्पाई सोरेन और मधु कोड़ा की भी एंट्री हो गई है। हालांकि मुध कोड़ा की संभावना कम लग रही है।
लोकसभा चुनाव में हार के बाद अर्जुन मुंडा विधानसभा की किसी सुरक्षित क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वहीं सीएम का पद छीने जाने से नाराज होने के बाद चम्पाई सोरेन भाजपा में शामिल हुए हैं। ऐसे में झारखंड के मतदाता समझ नहीं पा रहे कि भाजपा का सीएम चेहरा इस विधानसभा चुनाव में कौन होगा?

आदिवासी नेता के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी भाजपा!
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी इस बार किसी आदिवासी नेता के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी। भाजपा इस बार बड़े आदिवासी चेहरों को विधानसभा चुनाव में उतारने की तैयारी में है। इनपुट है कि भाजपा का सीएम चेहरा भी इस बार कोई आदिवासी नेता ही होगा...क्योंकि गैर-आदिवासी रघुवर दास को राज्य की कमान सौंपने का नतीजा भाजपा ने देख लिया है। 2019 में झारखंड में भाजपा की करारी हार हुई थी। रघुवर दास को अब राज्यपाल बना दिया गया है।
दूसरी ओर पार्टी अब सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे पर भी चुनाव नहीं लड़ेगी क्योंकि मोदी का चेहरा झारखंड में पिछले चुनाव में कुछ कमाल नहीं कर पाया था।

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भाजपा के लिए 2019 का विधानसभा चुनाव का एक दुखद पहलू यह भी था कि कोई भी आदिवासी नेता उसके टिकट पर विधानसभा नहीं पहुंचा था। उस चुनाव में जेएमएम का बाहरी-भीतरी का नारा काम कर गया था। भाजपा अब 2019 वाली गलती दोबारा नहीं दोहराएगी। भाजपा ने तय कर लिया है कि किसी आदिवासी चेहरे को सामने रख कर ही चुनाव लड़ना होगा।
भाजपा ने अभी तक अपने सीएम फेस का खुलासा नहीं किया है। लेकिन इतना तो तय ही माना जा रहा है कि सीएम चेहरा कोई आदिवासी नेता ही होगा। अभी तक बाबूलाल मरांडी भाजपा के सीएम चेहरे के प्रबल दावेदार दिख रहे थे। लेकिन चम्पाई सोरेन के आने से ये स्थिति बदल भी सकती है।












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