झारखंड में नक्सलियों पर करारा प्रहार, Bokaro के लुगु पहाड़ में मारा गया टॉप इनामी नक्सली कुंवर मांझी
Bokaro Naxal Encounter: झारखंड में नक्सलवाद (Naxal) के खिलाफ चल रहे अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। बोकारो जिले के लुगु पहाड़ के घने और दुर्गम जंगलों में बुधवार, 16 जुलाई को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो कुख्यात नक्सली ढेर कर दिए गए। इस दौरान देश की रक्षा करते हुए कोबरा बटालियन का एक वीर जवान शहीद हो गया।
यह मुठभेड़ नक्सलियों के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा थी और इसे उग्रवाद पर निर्णायक प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई ने न केवल क्षेत्र में नक्सलियों के नेटवर्क को कमजोर किया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि देश नक्सलवाद के समूल अंत के लिए प्रतिबद्ध है।

Naxal Encounter में एरिया कमांडर कुंवर मांझी की मौत
सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए नक्सलियों में सबसे बड़ा नाम कुख्यात एरिया कमांडर कुंवर मांझी का है, जिस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरहोर डेरा का रहने वाला था और सालों से बोकारो व आसपास के क्षेत्रों में हिंसक वारदातों को अंजाम देता आ रहा था।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह एक लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। उसकी मौत को सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी के रूप में देखा है, जिससे इलाके में नक्सलियों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़?
बुधवार सुबह जब कोबरा बटालियन, जिला पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम लुगु पहाड़ के जंगलों में नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रही थी, तभी घात लगाए नक्सलियों ने जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया और दोनों ओर से कई घंटों तक भीषण गोलीबारी होती रही।
मुठभेड़ समाप्त होने के बाद, सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं। इनमें अत्याधुनिक राइफलें, कारतूस, विस्फोटक सामग्री और नक्सली दस्तावेज शामिल हैं। इन सामग्रियों से यह स्पष्ट होता है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे, जिसे समय रहते सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी, क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है ताकि किसी और नक्सली की मौजूदगी की जांच की जा सके। आस-पास के गांवों और जंगलों में तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
बोकारो जिले के लुगु पहाड़ में हुई यह मुठभेड़ झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे संगठित प्रयासों की एक और मिसाल है। जहां एक ओर सुरक्षा बलों ने दो कुख्यात नक्सलियों को मार गिराकर एक बड़ी सफलता पाई है। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह स्पष्ट संकेत है कि नक्सलियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, और यह अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक झारखंड को पूरी तरह से नक्सल-मुक्त नहीं किया जाता।












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