UP News: श्रमजीवी विस्फोट मामले में दो आतंकियों को मौत की सजा, 18 साल पहले दिया था घटना को अंजाम
UP News: श्रमजीवी एक्सप्रेस में विस्फोट के मामले में दो आतंकियों को बुधवार को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय द्वारा सजा सुनाई गई।
18 साल पहले हुए इस दिल दहलाने वाली घटना में घटनास्थल पर 12 लोगों समेत कुल 14 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 62 लोग घायल हुए थे। मामले में पहले ही आतंकवादियों को दोषी कर दिया गया था। बुधवार को सजा सुनाने की तिथि नियत की गई थी।

मंगलवार को भी हुई थी सुनवाई
इस मामले में न्यायालय द्वारा दोनों आतंकियों को दोषी ठहराए जाने के बाद 2 जनवरी को उन्हें सजा सुनाई जानी थी। इसके लिए मंगलवार को दोपहर में दोनों आतंकियों को न्यायालय में लाया गया था। दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद फैसले को सुरक्षित रखते हुए बुधवार को सजा की तिथि नियत की गई थी।
यह पूरी घटना जुलाई 2005 की है। 28 जुलाई 2005 को जौनपुर जिले के हरपालगंज रेलवे स्टेशन से हरिहरपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस की जनरल बोगी में बम विस्फोट हुआ था। इस धमाके में 14 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि बोगी में बैठे 18 से ज्यादा यात्री घायल हो गए थे।
हाई कोर्ट में भी दाखिल है याचिका
आपको यह भी बता दें कि इससे पहले इस मामले से जुड़े आलमगीर को 30 जुलाई 2016 को मौत की सजा सुनाई गई थी और ब्लास्ट के मास्टरमाइंड ओबेदुर रहमान को 31 अगस्त 2016 को मौत की सजा सुनाई गई थी। इस मामले में दोनों आतंकियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जो अभी भी विचाराधीन है।
इसी मामले से जुड़े दो आतंकियों बांग्लादेश निवासी हिलालुद्दीन और पश्चिम बंगाल निवासी नफीकुल के मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों को दोषी करार दिया गया और सजा सुनाने की तारीख 2 जनवरी नियत की गई थी, मंगलवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था और बुधवार को दोनों को सजा सुनाई गई।












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