Jaunpur News: रविदास जयंती पर खेतासराय में मूर्ति स्थापना को लेकर बवाल, पुलिस टीम पर पथराव
Jaunpur News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के खेतासराय थाना क्षेत्र में रविदास जयंती के पहले मूर्ति स्थापना को लेकर बवाल हो गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया।
पुलिस टीम पर पथराव किए जाने की सूचना मिलने के बाद भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंची। बाद में पुलिस द्वारा किसी तरह मामले को काबू में किया गया। तनाव को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर वार्ता कराई गई लेकिन बात नहीं बनी।

अधिकारियों का कहना है कि खेतासराय थाना क्षेत्र के सरवरपुर वार्ड में एक स्थान पर बस्ती के लोगों द्वारा संत रविदास की तस्वीर को लगाकर हर वर्ष जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया जाता था। उसे स्थान पर बस्ती के लोगों द्वारा तस्वीर हटाकर प्रतिमा लगा दी गई।
प्रतिमा लगाए जाने की जानकारी मिलते ही कस्बे में रहने वाले एक समाजसेवी द्वारा आपत्ति जताते हुए इसकी शिकायत पुलिस से की गई। शिकायत के बाद शाम को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कागजात के आधार पर जांच पड़ताल शुरू की।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर प्रतिमा लगाई गई थी वह स्थान दस्तावेज में खेलकूद का मैदान दर्ज है। ऐसे में राजस्व टीम द्वारा प्रतिमा को वहां से हटवा दिया गया। इसी बात को लेकर अनुसूचित जाति के लोग नाराज हो गए और हंगामा करने लगे।
पुलिस द्वारा हंगामा कर रहे लोगों को काबू में करने का प्रयास किया गया तो उन लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। शरारती तत्वों द्वारा पुलिस टीम पर पथराव किए जाने की जानकारी मिलने के बाद सर्कल के शाहगंज और खुटहन सहित अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची।
हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद शरारती तत्व वहां से फरार हो गए। फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा 26 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए चार महिला और चार पुरुष को गिरफ्तार कर लिया गया है। बस्ती के कुछ लोग अपना घर छोड़कर फरार हो गए हैं।
इस बारे में थाना अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह द्वारा मीडिया को बताया गया कि बस्ती के रहने वाले लोग अस्थाई मंदिर बनाकर संत रविदास की तस्वीर रखकर पूजा करते थे लेकिन इस वर्ष लोगों ने वहां पर प्रतिमा लगा दिया। इसको लेकर एक समाजसेवी द्वारा आपत्ति जताई गई थी। दोनों पक्षों के बीच वार्तालाप किया गया लेकिन बात नहीं बनी।
वही बस्ती के लोगों का आरोप है कि पुलिस द्वारा बस्ती में घुसकर बेकसूरों की बेरहमी पूर्वक पिटाई की गई। इस दौरान कई वाहनों को भी पुलिसकर्मियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया तथा कई घरों के दरवाजा भी तोड़ डाले। हालांकि पुलिस द्वारा ऐसी किसी बात से इनकार किया गया है।












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