जापान में उतर रहा है शराब का नशा, पीना छोड रहे हैं युवा

नई दिल्ली, 12 सितंबर। जापान के मनाका ओकामोटो अब बीयर की अगली बोतल खोलने से पहले अगले दिन के बारे में सोचते हैं. जमकर पीने के लिए जाने जाने वाले जापानी छात्रों की अगली पीढ़ी के ओकामोटो कहते हैं, "अगर मुझे अगली सुबह जल्दी उठना है तो मैं सोचता हूं कि मुझे कम पीना चाहिए. फिर अगर मैं अकेला पी रहा हूं तो ऐसा कुछ पीता हूं जिसमें अल्कोहल नहीं है."

japan liquor businesses turn to non alcoholic drinks to attract gen

22 साल के ओकामोटो कहते हैं कि जब दोस्तों के साथ टोक्यो के किसी रेस्तरां में ऐसे लोगों के साथ मस्ती हो रही हो जो शराब नहीं पीते, तब भी बिना अल्कोहल की ड्रिंक काम आती है.

कम अल्कोहल या बिना अल्कोहल वाले पेय पदार्थों की लोकप्रियता दुनियाभर में बढ़ रही है. खासतौर पर कोविड महामारी के दौरान लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में वृद्धि देखी गई है तो भी लोग शराब छोड़कर बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक की ओर बढ़ रहे हैं. यही वजह है कि 2021 में ऐसी ड्रिंक्स का बाजार 10 अरब डॉलर पर पहुंच गया है जबकि 2018 में यह 7.8 अरब डॉलर का था.

नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक का यह असर जापान में तो कुछ ज्यादा ही जोर से दिख रहा है, जहां जनसंख्या घट रही है और युवा लोग पहले के मुकाबले बहुत कम शराब पी रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 1999 में 20-29 वर्ष आयुवर्ग में नियमित रूप से शराब पीने वालों की संख्या 20.3 फीसदी थी जो 2019 में सिर्फ 7.8 प्रतिशत रह गई.

घट रही है बिक्री

सनट्री के प्रतिद्वन्द्वी किरीन होल्डिंग्स भी अल्कोहल फ्री वाइन, कॉकटेल और बीयर बेच रही है. कंपनी कहती है कि इस साल के तीन महीने में उसकी अल्कोहल फ्री ड्रिंक्स की बिक्री पिछले साल की तिमाही के मुकाबले ढाई गुना बढ़ गई है.

शराब बनाने वाली अन्य कंपनी सापोरो होल्डिंग्स ने कहा है कि इस साल की पहली छमाही में उसकी कम और बिना अल्कोहल वाली ड्रिंक्स की बिक्री में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि बीयर की बिक्री चार फीसदी घट गई है.

लोगों ने शराब पीनी कम की है तो जापान की सरकार भी नए विकल्प खोज रही है क्योंकि शराब से होने वाले रेवन्यू से उसकी कमाई घट रही है. जुलाई में जापान के कर विभाग ने एक प्रतियोगिता आयोजित की थी जिसमें युवाओं से मांग बढ़ाने के लिए आइडिया मांगे गए.

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इस बदलते चलन ने शराब बनाने वाली कंपनियों को भी विकल्प खोजने पर मजबूर किया है. जापान की मशहूर बीयर असाही बनाने वाली कंपनी असाही ग्रुप होल्डिंग्स के प्रमुख कहते हैं कि वह अमेरिका को नए बाजार के रूप में देख रहे हैं. इसी तरह सनट्री होल्डिंग्स ग्रुप भी अपना बोतलबंद कॉकटेल व्यापार दूसरे देशों में बढ़ाने की कोशिश में जुटा है.

ना पीने वालों को लुभाने की कोशिश

विदेशों में नए बाजारों की तलाश के साथ-साथ ये कंपनियां घरेलू बाजार में शराब ना पीने वाले ग्राहकों को बोतल में उतारने की कोशिश कर रही हैं. हाल ही में टोक्यो की एक गगनचुंबी इमारत के बगल में रोपोंगी बाजार में शराब ना पीने वाली युवतियों के लिए एक खास आयोजन हुआ. जिस जापान में गर्मियों की शाम 'बीयर गार्डन' के आयोजन खूब लोकप्रिय होते हैं, वहां इस आयोजन को 'नो अल्कोहल बीयर गार्डन' के रूप में प्रचारित किया गया.

इस आयोजन में सनट्री और टीवी असाही ने बीयर की जगह मॉकटेल और अल्कोहल-फ्री वाइन परोसीं. सनट्री के जनरल मैनेजर मसाको कूरा कहते हैं, "लोग सिर्फ शराब का मजा नहीं ले रहे हैं. वे उस माहौल का मजा ले रहे हैं, जहां वे पीते हैं."

शिबूया कस्बे में एक नई बार खुली है जिसका नाम है सुमादोरी. जापानी भाषा में इसका अर्थ है- समझदारी से पीना. यहां ऐसी मीठी ड्रिंक मिलती हैं जिन्हें बहुत कम या बिना अल्कोहल के बनाया जाता है. असाही के मालिकाना हक वाली इस बार कंपनी के प्रमुख मिजुओ काजीउरा कहते हैं कि बार में माहौल ऐसा बनाया जाता है कि हर कोई पीने का मजा ले सके.

यहां काम शुरू करने से पहले काजीउरा ने इंडोनेशिया में दो साल तक काम किया है. वह कहते हैं कि मुस्लिम बहुल देश में काम करने का अनुभव उन्हें बिना पीने वालों के लिए बढ़िया माहौल तैयार करने में काम आ रहा है. वह बताते हैं, "इस बार का मकसद उन ग्राहकों को भाव देना है जो पी नहीं सकते, ताकि वे भी यहां आ कर पीने वालों के साथ आनंद कर सकें. अगर दूसरे बार और रेस्तरां भी हमारा मकसद समझ सकें तो वे भी ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित कर सकेंगे."

वीके/एए (रॉयटर्स)

Source: DW

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