कौन हैं महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती? जो जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से कर रहीं राजनीति में एंट्री
Iltija Mufti profile: अर्टिकल 370 का दर्जा हटाए जाने के पांच साल बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। इस बार के जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव की खास बात ये है कि पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती इस चुनाव से राजनीति में एट्री कर रही है।
इल्तिजा दक्षिण कश्मीर के अंतर्गत आने वाले अनंतनाग जिले के बिजबेहड़ा सीट से चुनाव लड़ेगी। बिजबेहड़ा मुफ्ती का पारंपरिक पारविारिक गढ़ है। आइए जानते हैं कौन हैं महबूबा की बेटी इल्तिजा मुफ्ती?

महबूबा की बेटी इल्तिजा?
35 वर्षीय इल्तिजा अपनी मां की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है। वर्तमान में इल्तिजा पीडीपी की मुख्य मीडिया एडवाइजर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
महबूबा की राजनीति उत्तराधिकारी इल्जिता मुफ्ती
इल्तिजा मुफ्ती को विधानसभा चुनाव लड़वाकर पीडीपी की मुखिया मबबूबा मुफ्ती बेटी को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपना चाहती हैं। सूत्रों के अनुसार इस चुनाव के बाद महबूबा मुफ्ती संरक्षक की भूमिका में जा जाना चाहती हैं।

क्यों सुर्खियों में आईं इल्तिजा मुफ्ती?
इल्तिजा मुफ्ती तब पहली बार सुखिर्यों में आई थीं जब 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया और महबूबा मुफ़्ती को हिरासत में लिया गया। उस दौरान इल्तिजा को पीडीपी का मीडिया सलाहकार नियुक्त किया गया और उन्होंने अपनी मां की हिरासत पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा। जिसके बाद से ही इल्तिजा राजनीति में सक्रिय नजर आईं।

कितनी पढ़ी हैं इल्तिजा
इल्तिजा के पास राजनीति विज्ञान में डिग्री है और उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के एक कॉलेज से अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।
महबूबा मुफ़्ती नहीं लड़ेगी चुनाव
बता दें 19 अगस्त को पीडीपी ने दक्षिण कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों के लिए आठ निर्वाचन क्षेत्र प्रभारियों के नाम का ऐलान कर दिया है। वहीं अनंतनाग-राजौरी से लोकसभा चुनाव हारने के बाद महबूबा मुफ़्ती ने चुनाव न लड़ने का फ़ैसला किया। इस हार के बावजूद, पीडीपी ने उन चुनावों में बिजबेहरा से बढ़त बनाए रखी।
बिजबेहरा सीट से लड़ रही चुनाव
बिजबेहरा सीट पर करीब तीन दशक से मुफ्ती परिवार का दबदबा रहा है। महबूबा मुफ्ती ने 1996 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार यह सीट जीती थी और 1999 में पीडीपी की स्थापना की थी। इससे पहले उनके पिता और इल्तिजा के दादा मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भी 1967 में बिजबेहरा से जीत हासिल की थी। इल्तिजा के उम्मीदवार बनने के साथ ही वह इस सीट से चुनाव लड़ने वाली अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी बन गई हैं।
ये विधानसभा चुनाव इल्तिजा और पीडीपी दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। 4 अक्टूबर को आने वाले नतीजे बताएंगे कि इल्तिजा अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को कितनी अच्छी तरह से संभाल पाती हैं












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