Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र में धारा 370 हटाए जाने को लेकर हंगामा, पहले सत्र में ही हुआ बवाल
Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के उद्घाटन सत्र में छह साल बाद फिर से शुरू हुए पीडीपी विधायक वहीद पारा द्वारा धारा 370 की बहाली का प्रस्ताव पेश करने पर बवाल हो गया। पुलवामा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले पारा ने सदन के एजेंडे में शामिल न होते हुए भी इस मसले को उठाया और जोर दिया कि विधानसभा के भीतर इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर से आग्रह करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव जनता की भावना को दर्शाता है और इस पर चर्चा की अनुमति मिलनी चाहिए।
भाजपा का कड़ा विरोध, सदन में हंगामा
वहीद पारा के इस प्रस्ताव पर भाजपा के विधायकों ने तुरंत कड़ा विरोध जताया। भाजपा के सभी 28 विधायक विरोध में खड़े हो गए और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने प्रस्ताव को नियमों का उल्लंघन बताते हुए पारा के निलंबन की मांग कर डाली। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे विधायकों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी रहा। अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्ताव अभी तक मेरे पास नहीं आया है और जब आएगा तो मैं इसकी समीक्षा करूंगा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
भाजपा के विरोध पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने नाराजगी जताई और इसे सदन की कार्यवाही में बाधा करार दिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस प्रस्ताव को महज़ दिखावा बताते हुए कहा कि इसका कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि सदन इस मामले पर कैसे चर्चा करेगा। यह किसी एक सदस्य द्वारा तय नहीं किया जाएगा। अगर इसके पीछे कोई वास्तविक उद्देश्य होता तो वे पहले हमसे चर्चा करते। इसके साथ ही अब्दुल्ला ने 5 अगस्त 2019 को हुए अनुच्छेद 370 के निरसन के फैसले को लेकर जनता में व्याप्त असंतोष को भी स्वीकार किया।
#WATCH | Ruckus breaks out in J&K Assembly after PDP MLA Waheed ur Rehman Para moved a resolution on the revocation of J&Ks special status and Article 370 on the first day of the session. It was opposed by the BJP MLAs.
J&K CM Omar Abdullah says, "We knew that preparation for… pic.twitter.com/JwNTrJ6bJB
— ANI (@ANI) November 4, 2024
उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया और महबूबा मुफ्ती का समर्थन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास का प्रतीक बताया। दूसरी ओर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने वहीद पारा की पहल का समर्थन करते हुए ट्वीट किया। धारा 370 को हटाने का विरोध करने और विशेष दर्जा बहाल करने के संकल्प के लिए जेके विधानसभा में प्रस्ताव पेश करने के लिए वहीद पारा पर गर्व है। भगवान आपका भला करे।
#WATCH | Srinagar, Jammu and Kashmir: On J&K CM Omar Abdullahs statement on the resolution given by him, PDP candidate from Pulwama, Waheed Para says, "We want that first resolution is on Article 370, and this was a symbolic message, and this is what Omar sahib had promised. I… pic.twitter.com/1n6NbVu7dv
— ANI (@ANI) November 4, 2024
अनुच्छेद 370 का महत्व और उसका निरसन
अनुच्छेद 370 जो 5 अगस्त 2019 को निरस्त कर दिया गया था। जम्मू और कश्मीर को विशेष स्वायत्तता प्रदान करता था। इसके तहत जम्मू-कश्मीर को अपना संविधान और झंडा रखने की अनुमति थी और केवल रक्षा, संचार और विदेशी मामलों में ही केंद्र सरकार का नियंत्रण होता था। अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित कर दिया गया। जिससे क्षेत्र में संवैधानिक बदलाव की शुरुआत हुई।
#WATCH | Srinagar | On being elected as the Speaker of J&K Assembly & ruckus on the first day of the session, Abdul Rahim Rather says, "I am very happy to see an atmosphere of democracy here. The election (Speaker) happened unanimously. So, it was a good start. LG delivered his… pic.twitter.com/eJumOUZHgd
— ANI (@ANI) November 4, 2024
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का यह सत्र प्रदेश में धारा 370 के प्रति भावनाओं और राजनीतिक दृष्टिकोणों का आईना है। वहीद पारा के प्रस्ताव ने न सिर्फ राजनीतिक हलचल मचा दी है। बल्कि प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों और विशेष दर्जे की बहाली को लेकर नए संवाद को भी जन्म दिया है।












Click it and Unblock the Notifications