'मुझे भारत और बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं लगता', महबूबा मुफ्ती के बयान पर भड़की BJP, कार्रवाई की मांग
PDP chief Mehbooba Mufti: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भारत और बांग्लादेश को लेकर बड़ा बयान दिया है। महबूबा मुफ्ती के इस बयान पर हंगामा मच गया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'मुझे भारत और बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं लगता।'
जम्मू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने रविवार 1 दिसंबर कहा कि आज मुझे डर है कि 1947 के समय जो स्थिति थी, हमें उसी दिशा में ले जाया जा रहा है। जब युवा नौकरी की बात करते हैं, तो उन्हें नौकरी नहीं मिलती। हमारे पास अच्छे अस्पताल, अच्छी शिक्षा नहीं है। वे सड़कों की हालत नहीं सुधार रहे हैं।

बल्कि, मंदिर की तलाश में मस्जिद को ध्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं। संभल की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ लोग दुकानों में काम कर रहे थे और उन्हें गोली मार दी गई। अजमेर शरीफ दरगाह जहां सभी धर्मों के लोग प्रार्थना करते हैं और भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल है। अब वे मंदिर की तलाश में उसमें भी खुदाई करने की कोशिश कर रहे हैं।
मतदान के दौरान चुनाव प्रतिशत अलग होता है और परिणाम अलग होते हैं, हमें इस पर भी संदेह है। उन्होंने एक राज्य छोड़ दिया ताकि विपक्ष बोल न सके...बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। अगर भारत में भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होंगे तो फिर भारत और बांग्लादेश में क्या अंतर है? मुझे भारत और बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं लगता।
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि देश में हालात ठीक नहीं हैं। हमारे नेता महात्मा गांधी जी, बीआर अंबेडकर, मौलाना आज़ाद और अन्य लोगों ने इस देश को हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी का घर बनाया है। हालांकि, देश में हालात अलग हैं। जब युवाओं ने नौकरी और अस्पताल की मांग की।
तो उन्हें वह नहीं मिला और अगर आप लोगों को वह नहीं दे सकते तो आप मस्जिदों में मंदिर तलाशने लगते हैं। बांग्लादेश में हालात ठीक नहीं हैं। वहां हमारे हिंदू भाइयों पर अत्याचार हो रहे हैं। भारत और बांग्लादेश में कोई अंतर नहीं है। यहां भी अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। अगर हम मस्जिदों में मंदिर तलाशते रहेंगे तो क्या फर्क रह जाएगा?
महबूबा मुफ्ती के इस बयान पर भाजपा नेता रविंदर रैना की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती का बांग्लादेश के साथ तुलना वाला दिया गया बयान बहुत विवादास्पद, दुर्भाग्यपूर्ण है। बांग्लादेश में इस वक्त अल्पसंख्यक समुदायों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है...जिस प्रकार का अत्याचार बांग्लादेश में हुआ।
मुफ्ती का बांग्लादेश को लेकर भारत के खिलाफ दिया गया बयान राष्ट्रद्रोह है। भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सब सुरक्षित हैं। वे खुद जगह-जगह जाकर रैलियां करती हैं, अपना पक्ष सामने रखती हैं। उन्हें सभी सुरक्षा मिली हुई है। महबूबा मुफ्ती का बयान गैर जिम्मेदाराना है, इसे राष्ट्रद्रोह की नजर से देखा जाना चाहिए। महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रद्रोह किया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।












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