Pahalgam Terrorist Attack: कब-कैसे हुआ पर्यटकों पर हमला? वर्दी में आए थे आतंकी, 'मुस्लिम हो?' पूछकर मारी गोली
Pahalgam Terrorist Attack: अमरनाथ यात्रा से कुछ महीने पहले मंगलवार (22 अप्रैल) को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देशभर को झकझोर कर रख दिया है। आतंकी संगठन टीआरएफ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकियों ने उस वक्त बेकसूर लोगों पर गोलियां बरसाईं, जब वो बैसरन के टूरिस्ट स्पॉट पर घुडसवारी कर रहे थे।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार 12 लोग घायल हो गए हैं। वहीं चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक पर्यटक की मौत हो गई है। फिलहाल मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। इधर, अमित शाह भी पीएम मोदी से फोन पर बात करने के बाद जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए है।

Pahalgam Terrorist Attack: कब और कैसे हुआ हमला?
यह हमला मंगलवार दोपहर को पहलगाम के बैसरन क्षेत्र में हुआ, जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ थी। आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 12 लोग घायल हुए, जिनमें तीन पर्यटक और तीन स्थानीय लोग शामिल हैं।
बता दें कि दोपहर के करीब 2 बजकर 30 मिनट पर उस वक्त हमला किया गया। जब घुड़सवारी कर रहे पर्यटक पहाड़ के ऊपर थे। तभी अचानक आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी और पर्यटकों को संभलने तक का मौका भी नहीं मिला।
आतंकी पुलिस की वर्दी में आए!
सूत्रों के मुताबिक दो से तीन आतंकी पुलिस या आर्मी की वर्दी में घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पहले लोगों से उनके नाम और धर्म पूछे, फिर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
'मुस्लिम हो?' पूछकर मारी गोली- चश्मदीद का बयान
हमले की एक चश्मदीद महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ सड़क किनारे भेलपूरी खा रही थीं, तभी एक हथियारबंद शख्स उनके पास आया और पूछा, "मुस्लिम हो?" इसके जवाब से पहले ही, उसने महिला के पति को गोली मार दी। महिला रोते हुए बोली - "हम तो घूमने आए थे... ये क्या हो गया?"
'मेरे पति को बचा लो' - अपील करती दिखी महिला
घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में महिला स्थानीय लोगों से चीख-चीख कर अपने पति को बचाने की गुहार लगाती दिख रही है। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर सहानुभूति और गुस्से की लहर पैदा कर दी।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब से गृहमंत्री अमित शाह से संपर्क किया और स्थिति की जानकारी ली। अमित शाह ने तुरंत आपात बैठक बुलाई जिसमें गृह सचिव, आईबी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। CRPF की क्विक रिएक्शन टीम और स्थानीय पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
क्या है अमरनाथ यात्रा से लिंक?
हमला ऐसे समय हुआ है जब अमरनाथ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि आतंकियों का मकसद यात्रा को अस्थिर करना और पर्यटकों में भय पैदा करना हो सकता है। बता दें कि इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 से 9 अगस्त 2025 तक चलेगी, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही शुरू हो चुकी है।












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