Pahalgam हमले के बीच बढ़ा तनाव, भूमिगत बंकरों की ग्रामीणों ने की सफाई, काटी जा रही फसल, सता रहा युद्ध का डर
Pahalgam News: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों, विशेष रूप से पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास तनाव का माहौल गहरा गया है। सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोग सर्तक हो गए हैं और एहतियात के तौर पर वर्षों पुराने भूमिगत बंकरों की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।
इतना ही नहीं, गेहूं की फसल जल्दी काट रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित रह सकें। न्यूज़ एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी सैन्य चौकियों के समीप बसे इन गांवों के निवासियों ने फिर से उन बंकरों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जिनका इस्तेमाल पिछली गोलाबारी के दौर में जान बचाने के लिए किया जाता था।

अब वे बंकरों में आवश्यक वस्तुएं जैसे कंबल, बिस्तर और सूखा राशन जमा कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, 'हमने बंकरों को लगभग भूल ही गए थे, लेकिन अब फिर से उन्हें तैयार करना पड़ रहा है। माहौल में डर जरूर है, लेकिन हमें उम्मीद है कि घाटी में फिर शांति बहाल होगी।'
एक अन्य ग्रामीण ने कहा, 'हम सरकार और सेना के साथ खड़े हैं। यह हमला पूरी मानवता के खिलाफ है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। ज़रूरत पड़ी तो हम हर मोर्चे पर देश के लिए खड़े होंगे।' गौरतलब है कि इन बंकरों का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान किया गया था, और अब स्थानीय लोग इन्हें "मोदी बंकर" कहकर पुकारते हैं।
ये बंकर उस समय बनाए गए थे जब एलओसी पर भारी गोलाबारी के चलते नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतज़ाम जरूरी हो गए थे। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम हमले के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकवादियों की पहचान की है। ये आतंकी कथित रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों - हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा (LET), और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े हुए हैं।
इनमें से तीन हिज्ब से, आठ LET से, और तीन JeM से संबंधित बताए गए हैं। सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और पुलवामा जिलों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिए हैं। एजेंसियां इन 14 स्थानीय आतंकियों के उन पांच आतंकियों से संबंध तलाश रही हैं, जिन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम के समीप बैसरन में 26 पर्यटकों पर हमला किया था।
इन पांच हमलावरों में तीन पाकिस्तानी नागरिक - आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा - के स्केच जारी किए जा चुके हैं। वहीं, दो स्थानीय आतंकियों की पहचान आदिल गुरी और अहसान के रूप में हुई है। इन सभी पर 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां, जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर इस हमले की गहन जांच कर रही हैं।
हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी समूह द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। सरकार की ओर से पूर्व में पुंछ और राजौरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सामुदायिक बंकरों के निर्माण हेतु वित्तीय और तकनीकी सहायता भी प्रदान की गई थी।












Click it and Unblock the Notifications