Jammu Kashmir Exit Polls 2024: इंजीनियर राशिद को एग्जिट पोल पर क्यों नहीं यकीन? BJP को लेकर दिया बड़ा संकेत!
Jammu Kashmir Exit Exit Polls 2024 News: जम्मू और कश्मीर में त्रिशंकु विधानसभा को लेकर अधिकतर एग्जिट पोल के नतीजों ने शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। कई एग्जिट पोल में संभावना जताई गई है कि उनकी अवामी इत्तेहाद पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को भी कुछ सीटें मिल रही हैं और इस तरह से वे किंगमेकर की भूमिका में आ सकते हैं। लेकिन, खुद राशिद को एग्जिट पोल के नतीजों पर यकीन नहीं है।
जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर शनिवार को जो तमाम एग्जिट पोल आए हैं, उनमें से अधिकतर ने त्रिशंकु विधानसभा की तस्वीर पेश की है, लेकिन फिर भी नेशनल कांफ्रेंस की अगुवाई वाले गठबंधन को बढ़त दिखाई गई है।

ऐसे में बारामूला के निर्दलीय सांसद इंजीनियर राशिद ने यह कहकर बहुत कुछ इशारा कर दिया है कि नतीजे चाहे कुछ भी हो, कंट्रोल दिल्ली के हाथों में ही रहने जा रहा है।
एग्जिट पोल में जम्मू-कश्मीर में त्रिशंकु विधानसभा का अनुमान
खुद इंजीनियर राशिद को एग्जिट पोल के नतीजों पर जरा भी यकीन नहीं है और वह 8 अक्टूबर को होने वाली मतगणना का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक एग्जिट पोल के नतीजों वाले दिन ही कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी उनके घर उनसे मिलने पहुंच गए।
स्वाभाविक है कि इस समय चन्नी टेरर फंडिंग के आरोपी के घर उनका हाल-चाल पूछने तो नहीं गए होंगे। माना जा रहा है कि वह त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में इंजीनियर राशिद से नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन के लिए पहले से ही समर्थन जुटा लेने के लिए निवेदन करने गए होंगे। यह वही इंजीनियर राशिद हैं, जिन्हें नेशनल कांफ्रेंस सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला बीजेपी की बी टीम बताते नहीं थक रहे थे।
इंजीनियर राशिद को एग्जिट पोल पर क्यों नहीं है भरोसा?
राशिद कहते हैं कि उन्होंने कभी भी एग्जिट पोल पर भरोसा नहीं किया है। उनके मुताबिक, 'क्या किसी ने मेरे बारामूला लोकसभा चुनावों में जीत की भविष्यवाणी की थी? मैं जेल में था और कम से कम मेरा अनुभव तो यही है कि हमारे बारे में किसी ने बात नहीं की। जो भी हो, लोगों ने मतदान कर दिया है, इसलिए 8 अक्टूबर तक इंतजार कीजिए।'
नतीजे कुछ भी आएं, दिल्ली ही करेगा कंट्रोल- इंजीनियर राशिद
राशिद से जब यह सवाल किया गया कि क्या जम्मू और कश्मीर में त्रिशंकु विधानसभा बनने जा रही है? इसपर उनका कहना था कि नतीजे चाहे जो भी आएं, कंट्रोल दिल्ली के पास ही रहेगा।
उन्होंने कहा, 'चाहे हमें त्रिशंकु विधानसभा मिलने जा रही हो या किसी एक राजनीतिक दल को बहुमत लायक सीटें मिलें, नियंत्रण नई दिल्ली के हाथों में रहेगा, क्योंकि जम्मू और कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है। यहां कोई भी सरकार बनाए, खासकर जिन्होंने आर्टिकल 370, राज्य का दर्जा या आर्टिकल 35ए की वापसी या जेलों से कैदियों को निकालने या मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने या पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने का दावा किया है, यह उनकी परीक्षा है।'
केंद्र में अभी बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार है और निर्दलीय सांसद इसी बात की ओर इशारा करना चाह रहे हैं कि केंद्र शासित प्रदेश में फिलहाल कोई भी सरकार बना ले, जब तक इसे पूर्ण राज्य का दर्जा फिर से नहीं मिलेगा, नियंत्रण परोक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी के ही हाथों में रहेगा।
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वहीं कांग्रेस नेता से मुलाकात के बारे में भी उन्होंने यह कहकर अपने सियासी पत्ते खुले रखे हैं कि 'जब दो नेता मिलते हैं, तो राजनीति पर चर्चा तो होगी ही।' राशिद को फिलहाल 12 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत मिली हुई है।












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