Jammu Kashmir result: चुनाव नतीजे आने से पहले बढ़ी हलचल, NC-PDP के बाद कांग्रेस ने भी दिया बड़ा संकेत
Jammu & Kashmir Election Results 2024: जम्मू और कश्मीर विधानसभा के लिए वोटों की गिनती का काम हरियाणा के साथ ही 8 अक्टूबर को होना है। लेकिन, उससे पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। इंडिया ब्लॉक में अपनी सहयोगी पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस की तरह ही कांग्रेस ने भी कह दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो समान-विचार वाली पार्टियों और विधायकों से समर्थन लेने को तैयार है।
जम्मू और कश्मीर के कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बुधवार (2 अक्टूबर, 2024) को इस तरह की बात कही है। कर्रा ने कहा, 'हम जो देख सकते हैं, वो यह है कि लोगों ने गठबंधन के समर्थन में या बीजेपी को सत्ता के गलियारे से दूर रखने के लिए मतदान किया है, जो की अच्छी चीज है।'

कश्मीर में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस किससे मिलाएगी हाथ?
इसके साथ ही कर्रा ने साफ कर दिया है कि 'अगर जरूरत पड़ी तो हमारे दरवाजे समान-विचार के लोगों, ताकतों, पार्टियों और यहां तक व्यक्तियों के लिए भी खुले हुए हैं। हम इसके बारे में अपने गठबंधन के पार्टनर से बात कर सकते हैं, ताकि अगर जरूरत पड़ती है तो हम ऐसे लोगों से बात कर सकें।'
पीडीपी से फिर हाथ मिलाने के संकेत
बता दें कि जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी इंडिया ब्लॉक में रहते हुए भी पीडीपी अलग चुनाव लड़ रही है। सिर्फ नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ही साथ मिलकर चुनाव मैदान में हैं। लोकसभा चुनाव में भी पीडीपी इन दोनों दलों से दूर रही थी।
इसी वजह से जब कांग्रेस नेता से पूछा गया कि क्या वो लोग पीडीपी को समान-विचार की पार्टी मानते हैं तो उन्होंने कहा कि वे किसी की योग्यता नहीं तय करना चाहते। उन्होंने कहा, 'मैंने कहा समान-विचार वाली, जो बीजेपी की दमनकारी, उत्पीड़नकारी नीतियों के खिलाफ एकमत हैं।'
पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के बाद कांग्रेस के भी बदले सुर
बता दें कि अंतिम चरण के चुनाव से पहले ही नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की चीफ महबूबा मुफ्ती दोनों ही इसी तरह का संकेत दे चुके हैं, जो बात अब कांग्रेस नेता कह रहे हैं।
इस बीच कांग्रेस नेता ने यह आरोप भी लगाया है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में उपराज्यपाल की ओर से पांच एमएलए मनोनीत करने की व्यवस्था के पीछे 'एक नापाक साजिश है'। हालांकि, उन्होंने चुनाव जीतने वाले संभावित निर्दलीय उम्मीदवारों को किंगमेकर की जगह, 'बिगाड़ने वाला' बताया है।
उनका आरोप है कि जब केंद्र को लग गया कि उनका सारा प्रयोग और फॉर्मूला फेल हो चुका है तो 'उन्होंने यहां निर्दलीय उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर वोटों को बांटने का एक नया तरीका अपनाया है।' 'उनका एकमात्र इरादा कश्मीरियों को शक्तिहीन बनाना है।' (कुछ इनपुट- पीटीआई)












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