महाराष्ट्र में स्कूल खुलते ही पेरेंट्स को तगड़ा झटका, ऑपरेटर्स ने इतना अधिक बढ़ा दिया स्कूल बस का किराया
Maharashtra School Bus Fare Hike: महाराष्ट्र में स्कूल बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन (SBOA) ने जून 2026 से स्कूल बस के किराए में 15% की वृद्धि की घोषणा की है। यह बढ़ोत्तरी शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से लागू होगी। संगठन ने बसों के संचालन के बढ़ते खर्च और सरकार से सहायता न मिलने के कारण स्कूल बस का किराया बढ़ाने का निर्णय लिया है। संगठन ने कहा उन्हें आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
क्यों बसों का संचालन हुआ महंगा?
एसोसिएशन के अनुसार, डीजल की बढ़ती कीमतें, कर्मचारियों का वेतन, वाहनों का रखरखाव, बीमा, टोल शुल्क, लाइसेंस शुल्क, पुर्जे, ई-चालान का जुर्माना और सामान्य महंगाई जैसी मदों में substantial वृद्धि हुई है। इन सभी कारणों से परिवहन लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसका हल निकालना अनिवार्य हो गया है।

महाराष्ट्र सरकार से मिली निराशा
SBOA ने इस निर्णय के बाद एक बयान जारी किया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार, राज्य परिवहन मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और विस्तृत मांगें सौंपी गई थीं। इन मुलाकातों में स्कूल बस चालकों और मालिकों के सामने खड़ी गंभीर वित्तीय चुनौतियों के बारे में बताया गया था।
संगठन ने यह भी बताया कि उन्होंने लगातार सुरक्षित और विश्वसनीय स्कूल बस सेवाएं बनाए रखने के लिए आवश्यक सहायता और व्यावहारिक उपायों की मांग की थी। फीस वृद्धि से बचने के लिए कई वैकल्पिक सुझाव भी दिए गए थे। हालांकि, बार-बार के अनुरोधों और फॉलो-अप के बावजूद, उन्हें संबंधित अधिकारियों से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बस ऑपरेटर्स बस का किराया बढ़ाने को हुए मजबूर
इस अप्रत्याशित स्थिति में, संगठन का कहना है कि उनके पास ट्रांसपोर्ट शुल्क बढ़ाने के अलावा कोई अन्य कोई विकल्प नहीं बचा था। यह वृद्धि केवल ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण नहीं है; इसमें ईंधन, बस कर्मियों का वेतन, वाहन रखरखाव, पुर्जे व उपभोज्य सामग्री, बीमा व कानूनी अनुपालन शुल्क, टोल व लाइसेंस, अन्य परिचालन लागतें, ई-चालान दंड और मंदी का व्यापक प्रभाव सहित कई कारक शामिल हैं।
एयरलाइंस ने भी बढ़ा दिया है किराया
बढ़ती लागत का असर केवल स्कूल बस उद्योग पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवहन क्षेत्र पर भी देखा जा रहा है। देश में कई एयरलाइंस ने भी किराए बढ़ा दिए हैं और कुछ मार्गों पर अपनी सेवा क्षमता घटा दी है। इसी तरह, स्कूल बस चालक और मालिक भी सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन करते हुए सेवाएं जारी रखने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
एसोसिएशन ने की ये अपील
एसोसिएशन ने माता-पिता और स्कूलों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। उन्होंने छात्रों को सुरक्षित, विश्वसनीय और अच्छी ट्रांसपोर्ट सर्विस देने का अपना वादा दोहराया। साथ ही, संगठन ने कहा कि यदि सरकार से उचित सहायता नहीं मिलती है, तो स्कूल परिवहन उद्योग का अस्तित्व बनाए रखना कठिन हो जाएगा। इस चुनौतीपूर्ण समय में उन्होंने सभी हितधारकों से सहयोग और समझ की अपील की है।













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