Jammu Kashmir Chunav: इंद्रवाल सीट पर हुआ 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान, जानें बाकी सीटों का हाल
Jammu Kashmir Election Phase 1: जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 के पहले चरण का चुनाव बुधवार (18 सितंबर) की शाम शांति पूर्ण संपन्न हो गया। पहले चरण में सात जिलों की कुल 24 सीटों पर शाम 7:30 बजे तक 58.85 प्रतिशत वोटिंग हुई।
दरअसल, 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद जम्मू कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है। इस चुनाव में जम्मू कश्मीर की इंद्रवाल सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इंद्रवाल सीट पर 80.06 प्रतिशत मतदान हुआ।

इतना ही नहीं, पैडर-नागसेनी और किश्तवाड़ जैसे अन्य क्षेत्रों में भी मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखी गई, जहां क्रमशः 76.80 प्रतिशत और 77.23 प्रतिशत मतदान हुआ। जम्मू क्षेत्र के पुलवामा में सबसे कम 46.03 प्रतिशत मतदान हुआ। अभी तक जो आंकड़े सामने आए है उसके मुताबिक, कश्मीर घाटी में पहलगाम में सबसे अधिक 67.86 प्रतिशत मतदान हुआ।
इसके बाद डीएच पोरा में 65.21 प्रतिशत, कुलगाम में 59.58 प्रतिशत, कोकेरनाग में 58 प्रतिशत और डूरू में 57.90 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, त्राल क्षेत्र में सबसे कम 40.58 प्रतिशत मतदान हुआ और पुलवामा जिले के चार निर्वाचन क्षेत्रों में अभी भी 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं हुआ है।
अनंतनाग में 41.58, अनंतनाग पश्चिम में 45.93, पांपोर में 42.67, राजपोरा में 45.78 और पुलवामा में 46.22 प्रतिशत मतदान हुआ है। शोपियां जिले के जैनापोरा में 52.64, शोपियां में 54.72 प्रतिशत मतदान हुआ। खबर के मुताबिक, अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद चुनाव एक बदले हुए माहौल में हो रहे हैं, जिसमें प्रमुख क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल अपनी स्थिति मजबूत करने की होड़ में हैं।
इसमें कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) शामिल हैं। इंजीनियर राशिद की कश्मीर आवामी इत्तेहाद पार्टी, जो जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन में है और सज्जाद लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस जैसी नई पार्टियां अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। इसके अलावा, कुछ अलगाववादी समूह कई सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में विभिन्न दलों के जाने-माने चेहरे शामिल हैं, जिनमें सीपीआई (एम) के मोहम्मद यूसुफ तारिगामी, एआईसीसी महासचिव गुलाम अहमद मीर और पीडीपी के सरताज मदनी शामिल हैं। पुलवामा और श्रीगुफवारा-बिजबेहरा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां पीडीपी के वहीद पारा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती चुनाव लड़ रही हैं।
जम्मू क्षेत्र में चुनाव में प्रमुख दलों के कई पूर्व मंत्री और मौजूदा नेता शामिल हैं। सहयोगी होने के बावजूद एनसी और कांग्रेस ने बनिहाल, भद्रवाह और डोडा जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर कुछ क्षेत्रों में "दोस्ताना मुकाबला" चुना है। इस चरण में शामिल 24 विधानसभा सीटों पर 23 लाख से अधिक मतदाताओं को 90 निर्दलीय सहित 219 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करना था।












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