Jammu air base: हिरासत में लिए गए दो संदिग्ध, जानिए घटनाक्रम से जुड़ा अब तक का पूरा अपडेट
श्रीनगर, 27 जून। जम्मू-कश्मीर में स्थित भारतीय वायुसेना के एयरबेस पर 26-27 जून की रात ड्रोन से की गई बमबारी के बाद से इलाके में अलर्ट जारी है। इस हमले में भारतीय वायु सेना के दो जवानों को मामूली चोटें आईं, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। घटना की जांच कर रही टीमों द्वारा पेश की कई शुरुआती रिपोर्ट से पता चलता है कि एयरफोर्स स्टेशन पर आईईडी बमों को गिराने के लिए कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दो ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया था। हमलावरों का निशाना स्टेशन पर खड़े हेलीकॉप्टर थे। भारतीय वायु सेना के अनुसार विस्फोट में किसी भी उपकरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आइए जानते हैं इस घटनाक्रम से जुड़ा अब तक का अपडेट...

हिरासत में लिए गए दो संदिग्ध
अब तक इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, जो आधिकारिक निमंत्रण पर बांग्लादेश में हैं, लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
मामले की जांच में जुटी टीमें
भारतीय वायु सेना की इंटरनल टीम के अलावा, राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक टीम वायु सेना स्टेशन पर पहुंच गई है और साइट की अच्छे से जांच की जा रही है। एजेंसी और पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। सबूत जुटाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की टीम और विशेष बल की टीम भी स्टेशन पहुंच गई है।
हेलीकॉप्टरों को बनाया गया निशाना
शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू वायु सेना स्टेशन के अंदर एक इमारत की छत में एक बड़ा छेद हो गया है। ड्रोन का उपयोग करके हवाई हमला हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा था। विस्फोट हैंगर के पास तकनीकी क्षेत्र में हुए थे, जिससे पता चलता है कि वहां हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया गया था।
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देश की सेना पर ड्रोन से किया गया पहला हमला
आईईडी को गिराने के लिए कम उड़ान वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। यह संभवत: देश में किसी भी सेना के बेस पर पहला ड्रोन हमला है। सूत्रों ने बताया कि वायुसेना के गश्ती दल ने हवा से गोला बारूद गिराते देखा था। जम्मू हवाई क्षेत्र में दोनों धमाकों में पेलोड के साथ ड्रोन के इस्तेमाल से विस्फोटक सामग्री गिरने का संदेह है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक घटना स्थल से किसी भी ड्रोन के अवशेष नहीं मिले।
हमले को अंजाम देने वाला सीमा के भीतर मौजूद
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को जम्मू के उच्च सुरक्षा वाले भारतीय वायु सेना स्टेशन पर हुए दोहरे विस्फोटों को आतंकवादी हमला करार दिया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि ड्रोन को हमले वाली जगह के पास के लोग चला रहे थे, साजिश भले ही सीमा पार कर गई हो लेकिन इसे अंजाम देने वाले सीमा के भीतर मौजूद थे। ऐसा लगता है कि ड्रोन को जम्मू शहर के भीतर से संचालित किया गया था।
24 जून को ही जारी कर दिया गया था ड्रोन हमले का अलर्ट
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, भारतीय वायु सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, सीआरपीएफ, निदेशक हवाई अड्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बडगाम और अन्य के अधिकारियों के साथ एक तत्काल बैठक की। बैठक में एयरपोर्ट की सुरक्षा की समीक्षा की गई। ड्रोन हमलों की संभावना और जवाबी उपायों पर चर्चा की गई। 24 जून को कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा ड्रोन हमले करने का अलर्ट जारी किया गया था।
हाई अलर्ट पर सभी एयरपोर्ट
विस्फोटों के बाद तीन मुख्य हवाई अड्डों- श्रीनगर हवाई अड्डे, श्रीनगर टेक्निकल एयरपोर्ट और अवंतीपोरा हवाई अड्डे को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अंबाला और पठानकोट वायु सेना स्टेशनों को भी सुबह अलर्ट पर रखा गया था। जम्मू हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें सामान्य हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिया हमले का जायजा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार सुबह जम्मू में हुई घटना के बारे में वाइस एयर चीफ और एयर मार्शल एचएस अरोड़ा से बात की। केंद्रीय मंत्री ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर बताया कि एयर मार्शल विक्रम सिंह स्थिति का जायजा लेने जम्मू पहुंच रहे हैं। इसके कुछ देर बाद ही पश्चिमी वायु कमान से एयर मार्शल विक्रम सिंह जम्मू पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के लिए विस्फोट स्थल का दौरा किया।












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