Budgam Ganderbal Chunav 2024: क्यों जरूरी है उमर अब्दुल्ला के लिए दूसरे चरण की ये 2 हॉट सीटें? जानें हाल
Budgam Ganderbal Election 2024 Phase 2: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण में आज (25 सितंबर) 6 जिलों की 26 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में 25.78 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, सुबह 9 बजे तक 10.22% मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान गांदरबल में 12.6% और बडगाम में 10.9% मतदान हुआ। इन दोनों सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मैदान में हैं, जो इस चुनावी रण में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

उमर अब्दुल्ला की दो सीटों पर चुनावी चुनौती (Omar Abdullah Chunavi Challenges)
उमर अब्दुल्ला इस बार गांदरबल और बड़गाम दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके लिए गांदरबल सीट खासतौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र अब्दुल्ला परिवार का गृह क्षेत्र माना जाता है। यहां उनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि, इस बार उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है।
गांदरबल में उमर अब्दुल्ला का मुकाबला सरजन बरकती से है, जो कि प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी के नेता हैं और वर्तमान में जेल में हैं। बरकती को आजादी चाचा के नाम से भी जाना जाता है और वह इस क्षेत्र में खासे लोकप्रिय हैं, खासकर जमात-ए-इस्लामी समर्थकों के बीच। इस सीट पर पीडीपी और जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट के उम्मीदवार भी चुनावी दौड़ में हैं, जिससे मुकाबला और भी कठिन हो गया है।
बडगाम में भी कठिन मुकाबला (Omar Abdullah Budgam Seat)
बडगाम में उमर अब्दुल्ला का मुकाबला पीडीपी के शिया नेता आगा सैयद मुंतजिर मेहदी से है। इस सीट पर भी उन्हें कड़ी टक्कर मिल रही है। बडगाम और गांदरबल दोनों सीटों पर उमर अब्दुल्ला के लिए जीतना बहुत जरूरी है, खासकर तब, जब उन्होंने बारामुला संसदीय चुनाव में हार का सामना किया था।
गांदरबल सीट पर अब्दुल्ला परिवार की परंपरागत पकड़ (Omar Abdullah Ganderbal Seat)
गांदरबल सीट को अब्दुल्ला परिवार दशकों से अपना गढ़ मानता आया है। इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व शेख मुहम्मद अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने किया है। लेकिन इस बार, इश्फाक जब्बार, जो नेशनल कॉन्फ्रेंस के पूर्व नेता और गांदरबल के पूर्व विधायक हैं, ने अपनी पार्टी जेएंडके यूनाइटेड मूवमेंट बनाकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उनकी पार्टी का एजेंडा अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली और जमात-ए-इस्लामी पर से प्रतिबंध हटाना है, जिससे एनसी के मतदाताओं में सेंध लगने की संभावना है।
उमर अब्दुल्ला की चुनावी रणनीति (Omar Abdullah Election Strategy)
उमर अब्दुल्ला ने इस चुनाव में व्यक्तिगत रूप से भागीदारी को अहम बताया। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों से इन चुनावों का इंतजार किया है। उमर ने जोर देकर कहा कि यह चुनाव भारत सरकार के कदमों के बावजूद हो रहा है, न कि उसकी वजह से। उन्होंने केंद्र सरकार पर जनता को अपमानित करने और उन्हें परेशान करने के आरोप लगाए। उनका मानना है कि सभी चरणों के चुनाव महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी इस चुनाव में विशेष रूप से मायने रखती है।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण में 26 सीटों के लिए मतदान जोर-शोर से जारी है। उमर अब्दुल्ला के लिए यह चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह गांदरबल और बडगाम सीटों से चुनावी मैदान में हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए यह चुनावी चरण निर्णायक साबित हो सकता है, खासकर तब जब उनकी पारिवारिक सीट गांदरबल पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।












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