1989 अपहरण केस: महबूबा मुफ्ती की बहन पहली बार कोर्ट में हुईं हाजिर, यासीन मलिक की पहचान की
जम्मू, 15 जुलाई: देश के पूर्व गृहमंत्री और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की छोटी बेटी रूबिया सईद का 8 दिसंबर 1989 को अपहरण कर लिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें छुड़ा लिया गया। इस मामले में जम्मू की टाडा कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रूबिया को पेश होने का आदेश दिया था। जिसका पालन करते हुए वो शुक्रवार को टाडा कोर्ट पहुंचीं। साथ ही अपना बयान दर्ज करवाया।

ये पहला मौका है जब पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की बहन रूबिया सईद कोर्ट में हाजिर हुईं। उन्होंने जज के सामने अपना बयान दर्ज करवाया, साथ ही आरोपी यासीन मलिक की पहचान की। मामले में सीबीआई की वकील मोनिका कोहली ने कहा कि कुल 4 आरोपियों की पहचान रूबिया ने की है। इस मामले में अगली सुनवाई 23 अगस्त को होगी।
वहीं रूबिया के वकील अनिल सेठी ने कहा कि उन्हें दोबारा से अगली सुनवाई में आने को कहा गया है। यासीन मलिक कह रहा था कि उसे जिरह के लिए व्यक्तिगत रूप से जम्मू लाया जाए। हालांकि अभी कुछ क्लियर नहीं है कि उसे जम्मू लाया जाएगा या नहीं। यासीन मलिक के अलावा इस केस में अली मोहम्मद मीर, मोहम्मद जमां मीर, इकबाल अहमद, जावेद अहमद मीर, मोहम्मद रफीक, मंजूर अहमद सोफी, वजाहत बशीर, मेहराज-उद-दीन शेख और शौकत अहमद बख्शी भी आरोपित हैं।
ऐसे हुई थी घटना
दरअसल रूबिया उस वक्त एमबीबीएस कर रही थीं और वो 8 दिसंबर 1989 को ललदद अस्पताल श्रीनगर में इंटरनशिप के लिए जा रही थीं। तभी चानपूरा चौक पर एक बैन आई और उसमें से कई लोग बंदूक लेकर निकले। इसके बाद उनको बैठाकर वो चले गए। बाद में जेकेएलएफ ने एक अखबार को फोन करके बताया कि उसने गृहमंत्री की बेटी का अपहरण कर लिया है, जिसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया। बाद में सरकार ने 5 आतंकियों को रिहा किया, तब जाकर रूबिया को अपहरकर्ताओं ने सही सलामत छोड़ा।












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