Jammu Kashmir: राजौरी में रहस्यमय बीमारी से अब तक 16 की मौत, 60 हिरासत में,सेना ने संभाली कमान
Rajouri News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बुधल गांव में पिछले एक महीने में हुई 16 लोगों की रहस्यमयी मौतों की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम इन मौतों के कारणों की जांच करेगी, जो पिछले 45 दिनों में अज्ञात बीमारी के कारण हुई हैं। मृतकों ने अस्पताल में भर्ती होने से पहले बुखार, दर्द, उल्टी और बेहोशी की शिकायत की थी।
राजौरी के बुधल गांव में सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए भारतीय सेना को तैनात किया गया है। दिसंबर 2024 से अब तक इस गांव में 16 मौतें एक 'रहस्यमयी बीमारी' के कारण हो चुकी हैं। एक टीम रविवार को बुधल गांव का दौरा करेगी और पिछले छह हफ्तों के दौरान हुई घटनाओं की जांच करेगी।

इस टीम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, जल संसाधन मंत्रालय के साथ-साथ पशुपालन, खाद्य सुरक्षा और फोरेंसिक विज्ञान के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर तत्काल राहत प्रदान करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाएगी।
जांच टीम ने लिया 60 लोगों को हिरासत में
घटनाओं के कारणों को समझने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए देश के प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों को नियुक्त किया गया है। पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने सीएसआईआर-आईआईटीआर द्वारा मृतकों के शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पूछताछ के लिए 60 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट में न्यूरोटॉक्सिन की मौजूदगी का पता चला है।
संक्रामक बीमारी की संभावना से इनकार
अस्पताल में भर्ती होने के कुछ दिन बाद ही मरीजों की मौत हो गई। एक लड़की की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने इन मौतों के पीछे किसी संक्रामक बीमारी की संभावना से इनकार किया है। हालांकि, एक डॉक्टर ने बताया कि मरीजों के एमआरआई स्कैन से मस्तिष्क में सूजन (एडिमा) की पुष्टि हुई है, जो न्यूरोटॉक्सिन के प्रभाव के रूप में देखी जा रही है
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ली उच्चस्तरीय बैठक
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधल की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की और स्वास्थ्य और पुलिस विभागों को इन रहस्यमय मौतों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया। राजौरी जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव डर की स्थिति में है और ग्रामीण रहस्य सुलझने का इंतजार कर रहे हैं।
सरकारी प्रवक्ता ने क्या कहा?
एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जांच और नमूनों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि ये घटनाएं किसी भी संक्रामक रोग के कारण नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों और ग्रामीणों से लिए गए सभी नमूनों ने किसी भी वायरल या जीवाणु संबंधी उत्पत्ति से इनकार किया है। सीएसआईआर-आईआईटीआर द्वारा किए गए विषाक्तता विश्लेषण ने कई जैविक नमूनों में विषाक्त पदार्थों का पता लगाया है।
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता जाविद इकबाल चौधरी ने स्थिति को बड़ी चुनौती बताया और कहा कि मुख्यमंत्री शुरू से ही स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी के पास कोई सुराग है तो कृपया आगे आएं और जांच में मदद करें।
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