कांग्रेस में कद बढ़ने के साथ केंद्र को खटकने लगे हैं अशोक गहलोत, छापेमारी के जरिए ऐसे हो रही राजनीति
जयपुर, 10 सितंबर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कांग्रेस में जैसे-जैसे कद बढ़ रहा है। वैसे ही अशोक गहलोत केंद्र की मोदी सरकार को अखरने लग गए हैं। गहलोत का नाम जब से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को लेकर चर्चा में आया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां राजस्थान में सक्रिय हो गई है। हाल ही में इनकम टैक्स में अशोक गहलोत के करीबी मंत्री राजेंद्र यादव के ठिकानों पर रेड डाली है। इसके बाद उनके करीबी एक व्यावसायी के यहां जीएसटी की कार्रवाई की गई है। केंद्रीय जांच एजेंसियां पहले भी गहलोत के करीबियों और रिश्तेदारों पर कार्रवाई कर चुकी है। राजनीति के जानकारों के मुताबिक यह कार्रवाई अशोक गहलोत की छवि को धूमिल करने के लिए की जा रही है। लेकिन इससे उनकी छवि पर कोई असर नहीं होने वाला है।


गृह राज्य मंत्री के ठिकानों पर छापेमारी
इनकम टैक्स ने हाल ही में राजस्थान में अशोक गहलोत के करीबी गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव के 52 ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। इसके अगले ही दिन गहलोत के करीबी प्रमुख वाहन व्यवसायी के यहां जीएसटी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। हालांकि अभी दोनों लोगों के यहां जांच एजेंसियों को कुछ नहीं मिला है।

केंद्र पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
कांग्रेस में अशोक गहलोत का कद दूसरे नंबर पर हो गया है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी द्वारा कांग्रेस का अध्यक्ष बनने से इनकार करने की सूरत में अशोक गहलोत ही कांग्रेस के नए अध्यक्ष होंगे। प्रदेश कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार पर लगातार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मोदी सरकार पर जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने के आरोप जड़ते हैं।

छापों की आड़ में दबाव की राजनीति
राजस्थान में सियासी संकट के समय भी गहलोत के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा पर ईडी और इनकम टैक्स की कार्रवाई हो चुकी है। इससे पहले उनके भाई अग्रसेन गहलोत के घर एडी का छापा पड़ चुका है। तमाम तरह के दबाव के बीच अशोक गहलोत राजस्थान में अपनी सरकार बचाने में कामयाब रहे। राजनीति के जानकार इसे केंद्र द्वारा गहलोत पर दबाव की राजनीति करार देते हैं। लेकिन गहलोत किसी भी दबाव में नहीं आ रहे हैं।

चुनावी कार्रवाई का हिस्सा
प्रदेश कांग्रेस के नेता राज्य में हो रही जांच एजेंसियों की कार्रवाई को चुनावी कार्रवाई का हिस्सा करार देते हैं। नेताओं का मानना है कि राजस्थान में चुनाव नजदीक आने के साथ ही ऐसी कार्रवाई हो रही है। सत्ता पाने के लिए मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन ऐसी कार्रवाई से मुख्यमंत्री की छवि पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। कांग्रेस के नेता इसे भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से जोड़ कर देख रहे हैं। उनके मुताबिक केंद्र और बीजेपी राहुल की भारत जोड़ो यात्रा की सफलता से घबरा गए हैं।












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