कौन है देवी सिंह भाटी जिनकी पार्टी में वापसी से चिंतित है भाजपा नेता, जानिए पूरी वजह

Rajasthan में पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बीकानेर दौरे पर थी। वसुंधरा राजे के बीकानेर दौरे के दौरान पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी के भाजपा में शामिल होने को लेकर चर्चा थी। माना जा रहा था देवी सिंह भाटी वसुंधरा राजे की मौजूदगी में पार्टी में घर वापसी कर सकते हैं। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद देवी सिंह भाटी की भाजपा में घर वापसी पर रोक लगा दी गई। सूत्रों की मानें तो इसकी अहम वजह बीकानेर के सांसद और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल माने जा रहे हैं। आपको बता दें बीकानेर की सियासत में अर्जुन मेघवाल और देवी सिंह भाटी के बीच खींचतान जारी है।

1980 से लगातार 7 बार विधायक रह चुके हैं भाटी

1980 से लगातार 7 बार विधायक रह चुके हैं भाटी

राजस्थान में पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं। देवी सिंह भाटी का नाम बीकानेर के दिग्गज नेता के रूप में लिया जाता है। 1980 से लगातार सात बार विधायक रहे हैं। भाटी को पहली बार राजनीति में माणक चंद सुराणा लेकर आए थे। देवी सिंह भाटी तीन बार मंत्री रह चुके हैं। भैरों सिंह शेखावत की सरकार में मंत्री रहते हुए आईएएस बीके सिंह के थप्पड़ मारने के मामले के तूल पकड़ लेने के बाद भाटी को मंत्री पद छोड़ना पड़ गया था।

आरक्षण के मसले को लेकर 2003 में बनाया सामाजिक न्याय मंच

आरक्षण के मसले को लेकर 2003 में बनाया सामाजिक न्याय मंच

देवी सिंह भाटी ने जाटों को आरक्षण देने के विरोध में 2003 में अपनी अलग पार्टी सामाजिक न्याय मंच का गठन करते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा। इस चुनाव में देवी सिंह भाटी तो जीत गए। लेकिन उनके सारे प्रत्याशी हार गए। वसुंधरा राजे से भाटी के मतभेद भी रहे हैं। लेकिन बाद में वे वसुंधरा राजे के करीबी हो गए। भाटी के पुत्र महेंद्र सिंह भाटी 1996 में सांसद बने। 2003 में सड़क दुर्घटना में महेंद्र सिंह का निधन हो गया। बेटे की असमय मौत ने देवी सिंह भाटी को तोड़ दिया।

अर्जुन मेघवाल के टिकट के विरोध में छोड़ी थी भाजपा

अर्जुन मेघवाल के टिकट के विरोध में छोड़ी थी भाजपा

बीकानेर की सियासत में देवी सिंह भाटी और अर्जुन मेघवाल के बीच मतभेद जगजाहिर है। पार्टी ने जब पहली बार अर्जुन मेघवाल को बीकानेर सांसद का टिकट दिया था। उस समय देवी सिंह भाटी ने अर्जुन मेघवाल को टिकट देने का विरोध करते हुए पार्टी छोड़ दी। उसके बाद से भाटी पार्टी से अलग-थलग पड़े हैं। इसमें दोराय नहीं कि बीकानेर में देवी सिंह भाटी अपना अलग वोट बैंक और वजूद रखते हैं। लेकिन दोनों नेताओं के बीच चल रही तकरार पार्टी के लिए दुविधा साबित हो रही है।

वसुंधरा राजे की बीकानेर यात्रा की व्यवस्थाएं संभाली

वसुंधरा राजे की बीकानेर यात्रा की व्यवस्थाएं संभाली

हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बीकानेर दौरे पर थी। इस दौरान देवी सिंह भाटी ने वसुंधरा राजे की यात्रा की सभी व्यवस्थाएं संभाली थी। अपने दौरे के दौरान वसुंधरा राजे ने बीकानेर में जनसभाएं भी की। भाटी के सहयोग से इन सभाओं में राजे अच्छी भीड़ जुटाने में कामयाब रही। हालांकि वसुंधरा के इस दौरे से मेघवाल गुट के नेताओं ने दूरी बनाए रखी। मेघवाल के बेटे रवि शेखर ने वसुंधरा राजे की यात्रा को निजी यात्रा बताते हुए सवाल भी उठाए। पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने वसुंधरा के बीकानेर दौरे के दौरान ही पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया था। लेकिन मेघवाल से मतभेद के चलते केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद भाटी की पार्टी में घर वापसी रोक ली गई।

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