सोनिया से मुलाकात के बाद दिल्ली से जयपुर लौटे सचिन पायलट, कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव तक सियासी अटकलों पर लगा विराम
जयपुर, 3 अक्टूबर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी से मिलने के बाद दिल्ली से वापस जयपुर लौट आए हैं। पायलट के जयपुर लौटने के बाद उनके आवास पर हलचल बढ़ गई है। सचिन पायलट से मिलने के लिए प्रदेश के कई मंत्री और विधायक उनके आवास पर पहुंचे। राजस्थान में सियासी घटनाक्रम के बाद सचिन पायलट दिल्ली चले गए थे। दिल्ली में पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पायलट के जयपुर लौटने के बाद प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा सकती है।

सोनिया गांधी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली गए थे पायलट
राजस्थान में 25 सितंबर की सियासी घटनाक्रम के बाद सचिन पायलट दिल्ली चले गए थे। इस दौरान पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर उनके सामने अपना पक्ष रखा। प्रदेश में लंबे समय से पायलट की चुप्पी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए पायलट सीएमआर पहुंचे थे। लेकिन गहलोत समर्थक विधायकों के बैठक के बहिष्कार के बाद विधायक दल की बैठक आहूत नहीं हो सकी। अब जयपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पायलट कांग्रेस हाईकमान के निर्देशों का इंतजार करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव तक ताला मुख्यमंत्री का फैसला
अशोक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावनाओं की राजस्थान में घटित हुई सियासी घटना के बाद सीएम बदलने की अटकलों पर विराम लग गया है। इसके बाद अशोक गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था। पार्टी ने गहलोत की जगह राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रत्याशी बनाया है। माना जा रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव तक मुख्यमंत्री बदलने की संभावनाओं पर विराम लग गया है। अब अशोक गहलोत भी अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे में उनके सामने एक व्यक्ति दो पद का संशय भी खत्म हो चुका है। पार्टी द्वारा राजस्थान में नए सिरे से पर्यवेक्षक बेचकर विधायक दल की बैठक बुलाने के कयास लगाए जा रहे हैं।













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