पायलट-विश्वेन्द्र को हटाए जाने के बाद राजस्थान के गुर्जर-जाट बाहुल्य इलाकों में दंगा नियंत्रण फाॅर्स तैनात
भरतपुर। राजस्थान की राजनीति में तूफान आया हुआ है, जिसका असर राजस्थान की राजधानी जयपुर के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों में देखने का मिल रहा है। सचिन पायलट को डिप्टी सीएम व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और विश्वेन्द्र सिंह व रमेश मीणा से मंत्री पद छीन लिए जाने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई है।
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एसटीएफ को भी किया तैयार
सचिन पायलट गुर्जर और विश्वेंद्र सिंह जाट समुदाय आते हैं। भरतपुर संभाग में दोनों ही समुदाय की बाहुल्यता है। ऐसे में जाट-गुर्जर इलाकों में कानून व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका को देखते हुए राजस्थान सरकार ने डीआईजी विकास कुमार को कानून व्यवस्था बनाए रखने व संभावित दंगों से निपटने के लिए कमान सौंपी है। इसके बाद डीआईजी विकास कुमार ने गुर्जर बाहुल्य इलाके बयाना का दौरा किया व पुलिस फाॅर्स का जायजा लिया। साथ ही एसटीएफ को तैयार किया। इस इलाके में दंगा नियंत्रण फाॅर्स भी तैनात की गई है। जगह-जगह पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

जयपुर से डीआईजी को भरतपुर भेजा
बता दें कि विश्वेन्द्र सिंह भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य है। यहां उनका जाटों में अच्छा खासा दबदबा है। साथ ही सचिन पायलट को हटाने के बाद गुर्जर समुदाय में भी तनाव है। इसलिए जाट व गुर्जर समुदाय द्वारा दंगा करने की आशंका को देखते हुए सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। इसलिए जयपुर से डीआईजी विकास कुमार को यहाँ भेजा गया है।

बयाना पर खास नजर
डीआईजी विकास कुमार ने बताया कि भरतपुर के लोग शांतिप्रिय लोग हैं। हम लोग यहां देखने आए हैं कि सुरक्षा के लिहाज से क्या चल रहा है और अगर कोई समस्या होगी तो बात की जाएगी। विकास कुमार सुबह बयाना इलाके के दौरे पर निकले। गुर्जर आरक्षण आंदोलन की धुरी भी बयाना इलाका ही रहा था।












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