राजस्थान सियासी संकट पार्ट-2 : राजेंद्र गुढ़ा बोले-'हमने गहलोत सरकार को पहली पुण्यतिथि मनाने से बचाया'
जयपुर, 14 जून। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के सामने नया संकट मंडराता दिख रहा है। सचिन पायलट खेमे के बाद अब बसपा से कांग्रेस में आए विधायकों ने भी तेवर दिखाए हैं। पूर्व मंत्री व उदयपुरवाटी से विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने तो यहां तक कह दिया कि राजस्थान सियासी संकट 2020 में 16 विधायकों ने मिलकर गहलोत सरकार को बचाया। वरना वो आज अपनी पहली पुण्यतिथि मना चुकी होती।

मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में देरी
दरअसल, राजस्थान में पिछले साल से सियासी माहौल ठीक नहीं। सचिन पायलट और अशोक गहलोत गुट के बीच 36 का आंकड़ा अभी भी चल रहा है। गहलोत-पायलट के मनमुटाव के बीच राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों में देरी 'आग में घी' की तरह काम कर रही है। इस बात को लेकर सचिन पायलट खेमा कई बार नाराजगी जता चुका है। अब बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक राजेंद्र सिंह गढ़ा, संदीप यादव व लाखन मीणा आदि ने राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार करके BSP से आए विधायकों को भागीदारी देने की मांग उठाई है।

उस वक्त सीएम के पास इस्तीफे के अलावा कोई रास्ता नहीं था
मीडिया से बातचीत में विधायक राजेंद्र गुढ़ा कह भी चुके हैं कि पिछले साल कांग्रेस के 19 और तीन निर्दलीय विधायक गहलोत के हाथ से जा चुके थे। कामरेड विधायकों ने भी पत्ते नहीं खोले थे। ऐसे में कांग्रेस में शामिल हुए बसपा के छह विधायकों और 10 निर्दलीय ने मिलकर गहलोत सरकार को बचाया था। वरना गहलोत सरकार अब तक तो अपनी पहली पुण्यतिथि मना चुकी होती। राजस्थान सियासी संकट 2020 में हम साथ नहीं देते तो सीएम गहलोत के पास इस्तीफा देने के अलावा कोई चारा नहीं बचता।

माकन सिर्फ आश्वासन दे रहे
राजेंद्र गुढ़ा ने यह भी कहा कि वे राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर तीन बार राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन से मिल चुके हैं। माकन सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। हर बार एक-दो माह का नाम लेते हैं जबकि राजस्थान की गहलोत सरकार ने अपना आधा कार्यकाल तो पूरा कर लिया। ज्यादा समय अब बचा नहीं।

बसपा वाले विधायकों की आज बैठक
बता दें कि बसपा में कांग्रेस में आने वाले छह में से पांच विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा, संदीप यादव, जोगिन्दर सिंह अवाना, दीपचंद खैरिया, लाखन मीणा आज शाम को बैठक करेंगे, जिसमें राजस्थान सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार व राजनीतिक नियुक्तियों में हो रही देरी पर चर्चा करेंगे। छठे विधायक वाजिब अली अभी ऑस्ट्रेलिया में हैं। वे वीडियो कॉल के जरिए बैठक में हिस्सा लेंगे।












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