Rajasthan: 22 लाख में अपनी जगह दूसरे को परीक्षा दिलवाकर लगा सरकारी नौकरी, ज्वाइनिंग से पहले यूं पकड़ा गया
Dummy Candidate Rajasthan SOG: सरकारी नौकरी लगने के लिए युवा किसी भी हद तक जा रही है। कड़ी मेहनत की बजाय अवैध तरीके से नौकरी पाने तक से नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला राजस्थान में सामने आया है।
दरअसल, राजस्थान एसओजी ने ऐसे शख्स को पकड़ा है, जो खुद सरकारी नौकरी लगा हुआ था और 22 लाख रुपए में सौदा करके दूसरे की जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी और उसे भी नौकरी लगवा दिया। हालांकि बाद में ज्वाइनिंग से पहले ही पूरे मामले का खुलासा हो गया।

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राजस्थान पुलिस एडीजी वीके सिंह ने बताया कि दैसा जिले के बैजूपाड़ा स्थित अलीपुर निवासी रामहंस मीणा ने परीक्षार्थी सत्यनारायण मीणा के स्थान पर वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लिया। डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी।
इसके लिए रामहंस और सत्यनारायण के बीच 22 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। रामहंस के परीक्षा देने की वजह से सत्यनारायण पास भी हो गया। इस पर उसने रामहंस को 17 लाख रुपए तो दे भी दिए थे। शेष भी देना वाला था।
वरिष्ठ शिक्षक भर्ती में चयन होने के बाद सत्यनारायण मीणा दस्तावेज सत्यापन करवाने आरपीएससी कार्यालय पहुंचा तो उसकी पोल खुल गई। वहां पर पता चला कि परीक्षा किसी और ने दी थी। अब दस्तावेज सत्यापन करवाने दूसरा आया है।
पुलिस जांच में पता चला कि डमी अभ्यर्थी बनने का आरोपी रामहंस रेलवे में टेक्नीशियन पद पर भर्ती हो चुका था। इसके बाद वह डमी अभ्यर्थी उपलब्ध करवाने के ठेके लेने लगा। कुछ ही वर्षों में उसने काफी संपत्ति भी जुटा ली थी।
इधर, राजस्थान एसओजी ने 2020 की जेईएन भर्ती परीक्षा के आरोपी सचिन को भी पकड़ा है। हरियाणा के चरखी दादारी के झोझू कला निवासी सचिन शर्मा पर आरोप है कि उसने पूर्व में जयपुर की सांगानेर पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी पंकज बगडि़या से पेपर उपलब्ध करवाने के लिए नाम पर 15 लाख रुपए में सौदा किया था।












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