Rajasthan : इस जंगल में लगी है धारा 144, सोच-समझकर जाना होगा यहाँ, जानिए वजह
जयपुर, 4 अगस्त। राजस्थान के बूंदी जिले में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व बनाया गया है। यहां कई दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव संरक्षित है। स्थानीय प्रशासन द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। यहां इन दुर्लभ प्राणियों के अस्तित्व के संरक्षण के लिए यह टाइगर रिजर्व बनाया गया है। असामाजिक तत्व क्षेत्र के आसपास के गांव के लोगों द्वारा टाइगर रिजर्व में वर्षा ऋतु के दौरान मवेशी चराने एवं मवेशी चराने के लिए प्रेरित करने की वजह से गांव वालों और टाइगर रिजर्व के अधिकारियों कर्मचारियों के बीच झगड़े और शांति भंग की आशंका बनी रहती है। माना जा रहा है कि इससे रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के अस्तित्व को ही खतरा पैदा हो सकता है। इसके मद्देनजर बूंदी जिला कलेक्टर ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। इस आदेश के बाद जिले में कोई भी व्यक्ति, संगठन और दल इस उद्यान के प्रतिबंधित क्षेत्र में मवेशी चराने के लिए प्रेरित करने के लिए किसी प्रकार की सभा, धरने और प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। कोई भी व्यक्ति, संगठन, दल प्रतिबंधित क्षेत्र में मवेशी लेकर प्रवेश नहीं करेगा। यह आदेश 31 अगस्त को शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।

निगरानी के लिए लगाए कार्यपालक मजिस्ट्रेट
रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में अवैध चराई की समस्या से उत्पन्न स्थिति के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। बूंदी के जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी ने आदेश जारी कर जिले की सीमा के अंतर्गत संपूर्ण रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लिए एडीएम (प्रशासन) को नियुक्त किया है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व बूंदी उपखंड में आने वाले समस्त क्षेत्र के लिए उपखंड मजिस्ट्रेट बूंदी, नैनवा क्षेत्र के लिए उपखंड मजिस्ट्रेट नैनवा और हिंडोली क्षेत्र के लिए उपखण्ड अधिकारी हिंडोली को कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

इसी साल बना है टाइगर रिजर्व
बूंदी का रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व इसी साल बनाया गया है। नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही यह प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व बन गया है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व कुल 1501.89 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। कोटा बूंदी से निकल रहे राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य को भी इसमें शामिल किया गया है। यहां अभी दो टाइगर मौजूद है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित होने से यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। रामगढ़ विषधारी अभयारण्य का नोटिफिकेशन वर्ष 1982 में हुआ था। रामगढ़ विषधारी अभ्यारण्य को ही टाइगर रिजर्व का रूप दिया गया है।













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