Rajasthan News: वसुंधरा राजे ने ओम बिड़ला और सीपी जोशी के गढ़ में भरी हूंकार, जानिए सियासी मायने
Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उदयपुर रैली के बाद पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने दो बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के गढ़ चित्तौड़गढ़ और कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के गृह क्षेत्र में हूंकार भरी है। कोटा में राजे की जनसभा में भारी भीड़ एकत्रित हुई। चित्तौड़गढ़ के बाद कोटा में वसुंधरा राजे ने भाजपा की महारैली को संबोधित किया है। यहाँ वसुंधरा राजे ने अपने सियासी विरोधियों पर जमकर निशाना साधा है। राजनीति के जानकारों की मानें तो प्रदेश में कमजोर नेतृत्व के चलते भाजपा चुनावी माहौल नहीं बना पा रही है। पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद के चलते भारी गुटबाजी का माहौल है। ऐसे में वसुंधरा राजे की यह जनसभा पार्टी को मजबूती देने का काम करेगी। आपको बता दें कि उदयपुर दौरे के दौरान अमित शाह के पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को तरजीह दिए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है।
राजे ने विरोधियों पर जमकर साधा निशाना
कोटा में भाजपा की महारैली में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने सियासी विरोधियों पर जमकर निशाना साधा है। वसुंधरा राजे ने ईआरसीपी से लेकर कोटा एयरपोर्ट के साथ ही किसानों, युवाओं और अन्य मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला है। कांग्रेस सरकार पर योजनाओं के नाम बदलने के आरोप लगाते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि कांग्रेस के राज में सिर्फ भ्रष्टाचार का विकास हुआ है। भाजपा की इस महारैली का आयोजन पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में हुआ है। प्रहलाद गुंजल वसुंधरा कैंप के नेता माने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की कोटा में आयोजित महारैली में हाड़ौती के अलावा प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता भी पहुंचे हैं।

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को पार्टी में मिल रही तरजीह
प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पार्टी में तरजीह मिलना शुरू हो गई है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे दो बार प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि पिछले दिनों अजमेर में आयोजित पीएम मोदी की जनसभा में भी वसुंधरा राजे को तरजीह दी गई थी। इसके बाद उदयपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा में शाह के दखल के बाद वसुंधरा राजे को संबोधन के लिए बुलाया जाना अच्छा संकेत माना जा रहा है। आपको बता दें प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा के भीतर भारी गुटबाजी है। प्रदेश में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से होना है। सीएम गहलोत ने अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए जनता के बीच गहरी पैठ बना रखी है। ऐसे में भाजपा के लिए विधानसभा का चुनाव बड़ा चुनौतीपूर्ण होगा।












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