Rajasthan News: पीएम मोदी ने संदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर दिए संकेत, वसुंधरा राजे का जिक्र तक नहीं
Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान का समय नजदीक आ गया है। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की जनता को पत्र लिखकर संदेश जारी किया है। प्रदेश की जनता को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री पद को लेकर भी संकेत दिए हैं। पीएम मोदी ने इस पत्र के जरिए संकेत दिया है कि राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। पत्र में पीएम मोदी ने राजस्थान की सरकार की आलोचना भी की है। इसके साथ ही वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकारों की किसी भी योजना का जिक्र तक नहीं किया है। ना ही वसुंधरा सरकार की प्रशंसा करते हुए गहलोत सरकार से उसकी तुलना की है। इससे साफ है कि पीएम मोदी वसुंधरा राजे को राजस्थान की मुख्यमंत्री बनाने के मूड में नहीं है। पीएम मोदी ने राजस्थान की जनता को लिखे पत्र में जल संसाधनों से जुड़े कामकाज की तारीफ करते हुए प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद जल संसाधन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है। पीएम मोदी ने इस पत्र के जरिए इशारा कर दिया है कि राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनी तो केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारों में मुख्यमंत्री पद को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नाम की चर्चा तेज हो गई है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह राजस्थान में राजपूत समुदाय का बड़ा प्रभाव माना जा रहा है।
केंद्र सरकार में जलशक्ति मंत्री हैं गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्र में मोदी सरकार में जलशक्ति मंत्री हैं। शेखावत पीएम मोदी के करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं। केंद्र सरकार में जल संसाधन मंत्रालय पहले कई विभागों में बँटा हुआ था। इसके बाद मोदी सरकार ने एक जलशक्ति मंत्रालय का गठन कर इसका प्रभार गजेंद्र सिंह शेखावत को दिया था। पीएम मोदी ने अपने पत्र में राजस्थान में जल संसाधनों से जुड़े कामों को तरजीह दी है। पीएम मोदी ने लिखा कि राजस्थान के लोगों से ज्यादा पानी की अहमियत कौन समझ सकता है। केंद्र की भाजपा सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचने के लिए बहुत बड़ा अभियान चला रही है। पूरे देश में सिंचाई नेटवर्क को भी और सुदृढ़ किया जा रहा है। राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनने के बाद जल संसाधन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगा। पीएम मोदी के इस संदेश के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नाम की चर्चा तेज हो गई है।

राज्य सरकार ने गरीबों से किए वादे नहीं निभाए
पीएम मोदी ने पत्र में राज्य सरकार पर गरीबों से किए वादे नहीं निभाने के आरोप लगाए हैं। पीएम मोदी ने पत्र में लिखा कि राजस्थान के लोगों ने इतिहास में जब भी किसी को वचन दिया। अपना जीवन देकर भी उसका मान रखा। लेकिन यहां की राज्य सरकार ने हर बार गरीबों से वादे किए और इन्हें कभी पूरा नहीं किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने राजस्थान में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है।
वसुंधरा राजे के कार्यकाल की योजनाओं की तुलना नहीं
पीएम मोदी ने अपने पत्र में वसुंधरा राजे की पूर्ववर्ती सरकारों की योजनाओं की तुलना कांग्रेस सरकार से नहीं की है। वसुंधरा राजे राजस्थान में दो बार मुख्यमंत्री रह चुकी है। लेकिन पीएम मोदी ने उनके कामकाज का जिक्र तक नहीं किया है। वसुंधरा राजे के कार्यकाल में भामाशाह योजना, जल जीवन मिशन, बालिकाओं के लिए स्कूटी, महिलाओं के लिए प्रभावी योजनाएं शुरू की गई। जिन्होंने जनता के बीच अपना प्रभाव भी छोड़ा। लेकिन पीएम मोदी ने उन योजनाओं का जिक्र तक नहीं किया। ना ही पीएम ने उनके कामकाज की गहलोत सरकार से तुलना की है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ रहते हैं मुखर
प्रदेश के सियासी गलियारों में पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नाम की चर्चा तेज हो गई है। राजनीति के जानकार कहते हैं कि राजस्थान में गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावशाली राजपूत नेताओं में शामिल हैं। वे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ हमेशा मुखर रहते हैं। शेखावत दूसरी बार जोधपुर से सांसद हैं. मोदी सरकार ने पहली बार जीतने पर उन्हें मंत्री बनाया। दूसरी बार उन्हें जल शक्ति जैसा अहम विभाग देकर कैबिनेट मंत्री पद से नवाजा। उन्हें प्रदेश की सियासत में भैरों सिंह शेखावत के दर्जे का नेता माना जाता है। भैरों सिंह शेखावत राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वहीं वसुंधरा राजे दो बार मुख्यमंत्री रही हैं। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में राजपूत समाज को पूरी तरजीह दी है। अब चर्चा है कि पार्टी किसी राजपूत नेता को ही प्रदेश की कमान सौपेंगी।












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