Rajasthan News: विधानसभा चुनाव अभियान में छाए रहे ओपीएस और सनातन धर्म, जानिए किस दल को हुआ कितना फायदा
Rajasthan News: राजस्थान में विधानसभा चुनाव का प्रचार थम गया है। प्रदेश में 25 नवंबर को मतदान होगा। तकरीबन महीनेभर चले विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा मुद्दों का अभाव रहा। जनता में इस बात को लेकर सबसे ज्यादा असमंजस रहा कि किस दल को वोट किया जाए। इस बात को ऐसे भी समझा जा सकता है कि राजनीतिक दल जनता को यह नहीं समझा पाए कि वे उन्हें वोट क्यों दे। चुनाव के दौरा विकास और विजन का अभाव दिखा। जनता ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान मौन रही। विधानसभा चुनाव का लब्बोलुआब यह रहा कि कांग्रेस ने जनता को गहलोत सरकार की योजनाओं को बंद होने का डर दिखाकर जनता में अपील की तो भाजपा ने सनातन धर्म को खतरे में बताकर वोट मांगे। राजनीतिक दलों के कैम्पेन में जनता यह समझ नहीं पाई कि उनका भविष्य किस दल के साथ उज्वल है। लिहाजा यह चुनाव कांग्रेस की योजनाओं तथा गारंटियों और हिंदुत्व कार्ड के साथ सनातन धर्म तक ही उलझ कर रह गया। प्रदेश में सबसे ज्यादा स्थानीय मुद्दों और प्रत्याशियों का ही बोलबाला रहा। राजनीति के जानकार बताते हैं कि चुनाव अभियान गहलोत सरकार की योजनाओं और हिंदुत्व कार्ड पर केंद्रित रहा है।
ओपीएस और चिरंजीवी योजना छाए रहे
राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने गहलोत सरकार की योजनाओं और गारंटीयों को लेकर फोकस रखा। लेकिन चुनावी सभाओं में सबसे ज्यादा कर्मचारियों के लिए ओपीएस और चिरंजीवी योजना छाए रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनावी सभाओं के जरिए जनता के बीच लगातार इस डर के साथ तर्क दिया कि अगर आपने कांग्रेस को वोट नहीं किया तो आने वाली सरकार इन योजनाओं को बंद करवा देगी। आपको बता दें कि राजस्थान में ओपीएस लागू होने से कर्मचारियों में खुशी है। लेकिन उन्हें इसके लगातार बने रहने की चिंता भी सता रही है।

भाजपा का हिंदुत्व कार्ड और सनातन धर्म को खतरा
राजस्थान में भाजपा ने हिंदुत्व कार्ड और सनातन धर्म को एजेंडा बनाकर चुनाव प्रचार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रीय नेताओं ने प्रदेश में ताबड़तोड़ दौरे कर भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। भाजपा ने हिंदुत्व के एजेंट पर सनातन धर्म को खतरे में बताते हुए जनता से वोट मांगे। चुनाव में हर सभा में सनातन धर्म, संस्कृति, हिंदू त्योंहार और कन्हैयालाल हत्याकांड जैसी बातों का उल्लेख होता रहा। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ हिंदुत्व की योजना पर फोकस रखा।












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