Rajasthan News: कोटा चंबल रिवर फ्रंट को लेकर बैकफुट पर सरकार, सीएम गहलोत को हाईकमान से मिला यह संकेत
Rajasthan News: राजस्थान के कोटा में चंबल रिवर फ्रंट के लोकार्पण को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अपमान का घूंट पीना पड़ा है। चंबल रिवर फ्रंट के लोकार्पण के लिए उन्हें कोटा दौरा रद्द करना पड़ गया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सरकार को नोटिस भेज कर अनाप-शनाप धनराशि खर्च कर बनाए गए रिवर फ्रंट के निर्माण में अनियमितताएं और नियमों के साथ खिलवाड़ का प्रश्न उठाया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने करीबी शांति धारीवाल की छवि चमकाने के लिए कोटा में कैबिनेट की बैठक भी बुलाई। इसके लिए सभी मंत्रियों को उद्घाटन के समय मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। एनजीटी ने सरकार को जो नोटिस भेजा है। उसके लिए मुख्यमंत्री गहलोत तथा संबंधित मंत्री को जवाब देते हुए यह स्पष्ट करना होगा कि सारे नियम और मानक ताक पर क्यों रख दिए गए थे।
गुजरात के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर हुआ निर्माण
आपको बता दें कि चंबल रिवर फ्रंट गुजरात की भाजपा सरकार द्वारा अहमदाबाद में बनाए गए साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर बनाया गया है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि आवश्यक अनुमति क्यों नहीं ली गई थी। मुख्यमंत्री गहलोत की गैर मौजूदगी में शांति धारीवाल ने इसका लोकार्पण किया है। धारीवाल की स्थिति और छवि को संभालने के मकसद से गहलोत ने कोटा में सिटी पार्क का उद्घाटन किया। सूत्रों का कहना है कि इससे पार्टी हाई कमान भी परेशान है। क्योंकि इतनी बड़ी गलती ऐसे समय पर हुई है। जब विधानसभा चुनाव नजदीक आ चुके हैं।

भाजपा ने बनाया मुद्दा
सीएम गहलोत की इस गलती के लिए सरकार और खुद मुख्यमंत्री को ही नहीं बल्कि एआईसीसी को भी जवाब देना पड़ेगा। चर्चा है कि पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को संकेत दिए हैं कि वह इन सब प्रपंच से दूर रहें। भाजपा ने नियमों की अनदेखी करने की राज्य सरकार की गड़बड़ी पर सवाल खड़े करते हुए इस मुद्दे को झपट लिया है। इस मामले को लेकर अब गहलोत के मंत्री शांति धारीवाल कटघरे में आ चुके हैं। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की है। चर्चा है कि यह मामला धारीवाल के टिकट में भी रोड़ा अटका सकता है।












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