Rajasthan News: सचिन पायलट का भाजपा पर कड़ा प्रहार, कहा- 'राजस्थान में भाजपा को जनता का समर्थन नहीं'
Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के साथ जुड़ाव की कमी के कारण बीजेपी को राज्य में समर्थन हासिल करने में कठिनाई हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने बार-बार राज्य का दौरा किया है। जो राज्य स्तरीय नेतृत्व में विश्वास की कमी का संकेत देता है। भले ही बीजेपी प्रयास कर रही हो। लेकिन जनता से जुड़ाव की कमी के कारण राजस्थान के चुनाव में समर्थन हांसिल करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पायलट ने कहा कि हैदराबाद में हमने पूरी ताकत और एकता के साथ चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया। कांग्रेस सभी चार राज्यों में सरकार बनाने 2024 के चुनाव में एनडीए को चुनौती देने और इंडिया गठबंधन की जीत के लिए दृढ़ है।
कांग्रेस पार्टी के भीतर एकजुटता पर दिया जोर
स्कूल डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कांग्रेस पार्टी के भीतर एकजुटता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दृढ़ता से फैसला किया है। दिल्ली के बजाय हैदराबाद में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। दो दिनों के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में आगामी चुनाव में जीत हासिल करने के लिए रणनीतियों के बारे में विस्तार से चर्चा में लगे रहे। हमारी पार्टी के कार्यकर्ता अत्यधिक प्रेरित है। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में सफलता के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने कर्नाटक में अपने वादे पूरी किए हैं और तेलंगाना में सत्ता में आने पर भी ऐसा ही करने का इरादा है। उन्होंने कहा कि एक उल्लेखनीय बदलाव आया है। भाजपा प्रतिस्पर्धा में पीछे रही है। कांग्रेस वापसी कर रही है और मुझे विश्वास है कि हम तेलंगाना में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार देखेंगे।

महिला आरक्षण विधेयक को पेश करने के तरीके की आलोचना
महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए पायलट ने कहा कि विधेयक पर पहले से ही व्यापक सहमति थी। लेकिन केंद्र ने पहले इसका खुलासा न करके और इस अचानक उठाए गए कदम या स्टंट के रूप में प्रस्तुत करके एक गुप्त खेल खेला है। पायलट ने सवाल उठाया कि 2010 में यूपीए के कार्यकाल के दौरान राज्यसभा द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक को संशोधित करने की आवश्यकता क्यों थी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इरादे सच्चे होते तो वह मौजूदा बिल को बिना किसी बदलाव के पारित कर सकते थे। सचिन पायलट ने परिसीमन और जनगणना के खण्डों को शामिल करने के कारण विधेयक को लागू करने में देरी को लेकर संसद में सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा जताई गई चिताओं को भी दोहराया। पायलट ने विधायक को लागू करने के लिए विस्तारित समय सीमा पर बात करते हुए कहा कि अभी इसमें 6 साल लगेंगे। पहले जनसंख्या जनगणना की जाएगी फिर परिसीमन किया जाएगा। इसके बाद आरक्षण लागू किया जाएगा।












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