Rajasthan News: पीएम मोदी और वसुंधरा राजे के डबल इंजन के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी भाजपा, जानिए सियासी वजह
Rajasthan News: राजस्थान में चार माह बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। राजनीतिक दल पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके हैं। भाजपा ने चुनाव में अपनी रणनीति को लेकर बदलाव किया है। बीजेपी राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जोड़ी के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। पीएम मोदी और वसुंधरा राजे की डबल इंजन के जरिए पर भाजपा प्रदेश में वोट मांगेगी। भाजपा की इस रणनीति की सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। पीएम मोदी द्वारा दिल्ली में राजस्थान के भाजपा सांसदों की बैठक में खासकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बुलाए जाने के बाद इस चर्चा को बल मिला है। प्रदेश में लंबे समय से भाजपा कार्यकर्ताओं के भीतर पार्टी के चेहरे को लेकर संशय बना हुआ था। चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा की तस्वीर साफ होने लगी है। राजनीति के जानकारों की मानें तो भाजपा विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी की लोकप्रियता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रदेश में पकड़ का लाभ लेते हुए चुनाव मैदान में उतरेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक शीघ्र ही पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देकर भाजपा चुनाव मैदान में उतर जाएगी।
राजस्थान में वसुंधरा राजे प्रभावशाली चेहरा
पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस बात को भली-भांति जानता है कि वसुंधरा राजे राजस्थान में पार्टी के भीतर प्रभावशाली चेहरा हैं। पार्टी चाहकर भी प्रदेश में चुनाव में वसुंधरा राजे की अनदेखी नहीं कर सकती है। प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहने के दौरान वसुंधरा राजे ने कार्यकर्ताओं के बीच गहरी पकड़ बनाई है। पार्टी विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे के प्रभाव और पकड़ का इस्तेमाल करना चाहती है। वहीं विधानसभा चुनाव के छह महीने बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पीएम मोदी की लोकसभा चुनाव की वयस्तताओं के बीच पार्टी प्रदेश में मतदाताओं को साधने के लिए वसुंधरा राजे का सहारा लेगी। पीएम मोदी की लोकप्रियता से प्रदेश का आमजन पार्टी से जुड़ेगा। वहीं वसुंधरा राजे की सक्रियता पार्टी कार्यकर्ताओं के भीतर ऊर्जा भरने का काम करेगी।

गहलोत-पायलट से टक्कर का प्लान
राजस्थान में कांग्रेस ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की जोड़ी के दम पर सरकार बनाई थी। प्रदेश में दो नेताओं के चेहरे से आमजन और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया था। अब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद खत्म कर दोनों नेताओं को मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार कर लिया है। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आमजन की गहरी पकड़ है। वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं का बड़ा खेमा पायलट समर्थक है। ऐसे में अशोक गहलोत और सचिन पायलट भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। चर्चा है कि भाजपा ने भी इसी रणनीति पर चलने का फैसला किया है। राजस्थान में गहलोत पायलट को टक्कर देने के लिए भाजपा ने पीएम मोदी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
पीएम मोदी ने सांसदों को दिया जीत का मंत्र
पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सांसदों की बैठक में चुनाव कैसे जीता जाए। इस विषय पर चर्चा की है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने पार्टी सांसदों को चुनाव जीतने का मंत्र भी दिया है। पीएम मोदी ने सांसदों की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी बुलाया। वसुंधरा राजे को बैठक में बुलाए जाने की सियासी गलियारों में चर्चा है। माना जा रहा है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे के राजनीतिक अनुभव का लाभ लेगी। पीएम मोदी ने बैठक में विधानसभा स्तर पर केंद्र सरकार योजनाओं, उपलब्धियों और कामकाज का प्रचार प्रसार करने की जिम्मेदारी दी है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि विधानसभा चुनाव में भाजपा पीएम मोदी और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के डबल इंजन के साथ मजबूत होकर उभरेगी।












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