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Gurjar Aandolan : क्या फिर होगा राजस्थान गुर्जर आरक्षण आंदोलन? अब 10 जुलाई का अल्टीमेटम

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भरतपुर, 28 जून। राजस्थान में एक बार फिर से गुर्जर आरक्षण आंदोलन की चिंगारी भड़क सकती है। करीब डेढ़ दशक से रह-रहकर प्रदर्शन कर रहे गुर्जर अब आरक्षण आंदोलन 2021 की तैयारी करते दिख रहे हैं। हालांकि गुर्जर समाज दो धड़ों में भी बंट चुका है। अब राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को 10 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया गया है।

Rajasthan Gurjar Reservation Movement

भरतपुर जिले के गांव पीलूपुरा के पास सोमवार को गुर्जर नेता हिम्मत सिंह पाडली ग्रुप की बैठक हुई, जिसमें करीब 250 लोग एकत्रित हुए बताए जा रहे हैं, लेकिन कर्नल किरोड़ी बैसंला ग्रुप के लोगों के विरोध के चलते बैठक को बीच में ही रोकना पड़ा।

गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने कहा कि यदि सरकार 10 जुलाई तक उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो सरकार आंदोलन के लिए तैयार रहे। 30 अक्टूबर 2020 को राजस्थान सरकार की मंत्रिमंडलीय उप समिति के साथ गुजर प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी, जिसमें रीट भर्ती MBC वर्ग के 372 पद और नर्सिंग भर्ती के 350 पदों का 7 दिन में कमेटी बनाकर निस्तारण करने की बात तय हुई थी, लेकिन सरकार ने अभी तक इस मामले में कुछ नहीं किया।

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इसके अलावा वार्ता में हर महीने मंत्रिमंडलीय उपसमिति के साथ बैठक कर समझौता पत्र के बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा करना तय हुआ था, लेकिन आज तक कोई भी समीक्षा बैठक नहीं हुई। साथ ही राजस्थान सरकार द्बारा देवनारायण योजना में भी अभी तक कोई काम नहीं करवाया गया है। इन सभी को लेकर समाज में रोष व्याप्त है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि राजस्थान सरकार समझौतों पर कोई ध्यान नहीं देगी तो 10 जुलाई को राजस्थान गुर्जर आंदोलन 2021 का बिगुल फूंका जाएगा।

वहींं, दूसरी तरफ बैसला ग्रुप के नरोत्तम सिंह अड्डा ने बताया कि पीलुपुरा में हुई बैठक का विरोध इसलिए किया गया कि पाडली ग्रुप ने पीलूपुरा गांव को ही मीटिंग का अड्डा बना रखा है। कोरोना काल में गाइडलाइन के मुताबिक एक जगह लोगों के एकत्रित होने की अनुमति नहीं है।

इसके बावजूद बैठक में करीब 250 लोगों को इकठ्ठा किया गया और अगर पाडली ग्रुप को कोई आंदोलन करना है तो वह जयपुर या कहीं और जाकर आंदोलन करें। ग्रामीणों को इस बैठक की कोई सूचना नहीं थी। विगत दिन हिम्मत सिंह पाडली ने अपने ट्वीट कर मीटिंग की जानकारी दी थी। अड्डा ने आरोप लगाया कि हिम्मत सिंह पाडली अपने निजी स्वार्थ के लिए इस तरह की बैठक करते हैं। इससे समाज के लोग गुमराह होते हैं।

English summary
Rajasthan Gurjar Reservation Movement Will happen again Now ultimatum of 10th July
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