राजस्थान: गौवंश संरक्षण के लिए गहलोत सरकार की बड़ी पहल, 1500 ग्राम पंचायतों में खुलेगी गौशालाएं
राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार गौवंश संरक्षण के लिए बड़ी पहल करने जा रही है। प्रदेश में पहले चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर 1500 गौशालाएं खोली जाएंगी।
राजस्थान में आवारा गायों को आश्रय स्थल देने की दिशा में गहलोत सरकार ने पहल की है। प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला खोली जाएगी। इन गौशालाओं का संचालन जनसहभागिता के जरिए किया जाएगा। गहलोत सरकार का मकसद है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गौवंश को आश्रय स्थल मिल सके। पहले चरण में 1500 ग्राम पंचायतों पर गौशाला खोलने की मंजूरी दी गई है।

गौवंश संरक्षण को लेकर गहलोत सरकार की पहल
राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और खेतों में विचरण करने वाली निराश्रित गायों को सहारा देने के लिए गहलोत सरकार ने बड़ी पहल की है। सीएम गहलोत ने ग्राम पंचायत गौशाला जन सहभागिता योजना को मंजूरी देकर गौवंश संरक्षण के लिए बड़ा काम किया है। बजट की घोषणा के अनुरूप ग्राम पंचायतों में गौशाला का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जिन क्षेत्रों में एनजीओ होंगे। वहां प्राथमिकता से एक-एक करोड़ तक की गौशाला स्थापित की जाएगी। परियोजना के लिए फंड जुटाने का कार्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन निधि 2016 के जरिए किया जाएगा।
पहले चरण में खुलेंगे 1500 गौशाला
योजना के पहले चरण में सीएम गहलोत ने 1500 गौशाला खोलने की मंजूरी दी है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पंचायत समिति स्तरीय गोपालन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला खोलने के लिए सभी तरह के प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी करेगी। ग्राम पंचायत गौशाला में किए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और मूल्यांकन समिति के द्वारा किया जाएगा। समिति द्वारा ग्राम वासियों के सहयोग से निराश्रित गायों को ग्राम पंचायत गौशाला में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाएगी।












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