Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कांग्रेस में जलवा कायम, राहुल के साथ गुजरात में करेंगे जनसभा

Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर से गांधी परिवार के भरोसेमंद नेता बन गए हैं। उन्हीं पर भरोसा कर राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा से ब्रेक लेकर गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए जाने का फैसला किया है। राहुल गांधी सोमवार को सूरत और राजकोट में जनसभा को संबोधित करेंगे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार गुजरात के लिए अलग तरह की रणनीति बनाई है। राजस्थान से अपने भरोसे के नेताओं के साथ पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को गुपचुप तरीके से अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी हुई है वह स्थानीय नेताओं के साथ लोकल बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर छोटी-छोटी बैठक कर बीजेपी की नाकामियों को बताते हैं। सभाओं में बड़ी संख्या में भीड़ जुट रही है।

गहलोत की रणनीति से कांग्रेस ने 2018 में बीजेपी को घेरा था

गहलोत की रणनीति से कांग्रेस ने 2018 में बीजेपी को घेरा था

पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक भी रणनीति के तहत गुजरात में डेरा डाले हुए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की रणनीति के तहत ही 2018 में कांग्रेस बीजेपी को घेरने में कामयाब हुई थी। एक बार के लिए तो लगने भी लगा था कि बीजेपी संकट में है। लेकिन कांग्रेस के बयानवीर मणिशंकर अय्यर ने नीच शब्द का प्रयोग कर जीती हुई बाजी को हरवा दिया।

गहलोत के गुजरात जाते ही पायलट गुट सक्रिय

गहलोत के गुजरात जाते ही पायलट गुट सक्रिय

इस बार जब गहलोत ने वरिष्ठ पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी संभाल जैसे ही गुजरात पर काम करना शुरू किया तो उनके अपनों ने ही राजस्थान में डिस्टर्ब कर दिया। एक ऐसी साजिश रची गई। जिसकी उम्मीद किसी कांग्रेसी ने नहीं की थी। साल 2020 में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश करने वाले सचिन पायलट और उनके समर्थक नेताओं ने एक बार फिर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर गांधी परिवार और मुख्यमंत्री गहलोत के बीच संबंधों में दरार डालने का प्रयास किया। लेकिन गहलोत ने सजगता और शालीनता का परिचय दें मामले को संभाल लिया। हालांकि ये नेता अभी भी मीडिया के माध्यम से सरकार को अस्थिर करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

अशोक गहलोत को मिल रहा पूरा सम्मान

अशोक गहलोत को मिल रहा पूरा सम्मान

मामले की सच्चाई जानने के बाद यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अस्थिरता फैलाने वालों से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। इसलिए सोनिया और राहुल गांधी ने गहलोत को फिर से वही सम्मान देना शुरू कर दिया है जो पहले देते थे। राहुल गांधी गुजरात को लेकर उनसे बराबर चर्चा करते हैं। सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर चुने गए पार्टी के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मुख्यमंत्री गहलोत को भी अपने पास बिठाकर पूरा सम्मान दिया है। वही संदेश भी दे दिया कि अशोक गहलोत आज भी उनके भरोसेमंद नेता है।

गुजरात में कांग्रेस को टक्कर में ले आए गहलोत

गुजरात में कांग्रेस को टक्कर में ले आए गहलोत

प्रदेश में जैसे भी हालात रहे हो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुजरात की जिम्मेदारी निभाने में कोई कसर नहीं रहने दी। उसी का नतीजा है कि गुजरात में कांग्रेस फिर से टक्कर में आ गई है। जो आम आदमी पार्टी शुरू में मीडिया के माध्यम से हावी दिख रही थी। वह धीरे-धीरे उत्तराखंड वाली स्थिति में आ गई है। आप पार्टी मीडिया में ही बनी है। शहरों में जरूर उसका हल्ला है। लेकिन वह बीजेपी का वोट काट क्यों दिख रही है इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। गांवों में कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर देती दिख रही है। हालात बदलते देख मुख्यमंत्री गहलोत ने राहुल गांधी की दो जनसभाएं कराने की रणनीति बनाई है।

राहुल गांधी करेंगे राजकोट और सूरत में जनसभा

राहुल गांधी करेंगे राजकोट और सूरत में जनसभा

राहुल गांधी सोमवार को राजकोट और सूरत के इलाकों में जनसभाएं कर पार्टी को ताकत देंगे। गहलोत राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं। गुजरात में उनकी चाणक्य नीति अंतिम समय में अपना कमाल दिखा सकती है। बशर्ते बीजेपी ने तुष्टिकरण की राजनीति पर जोर नहीं दिया तो पीएम मोदी भी सोमवार-मंगलवार से चुनावी दंगल में कूदेंगे। देखना होगा मोदी किस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हैं।

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