Congress से साधु संतों को जोड़ने की तैयारी में राहुल गांधी, जानिए वजह
राजस्थान में दौसा में भारत जोड़ो यात्रा में संत नेकी महाराज ने राहुल गांधी के साथ पदयात्रा की। इस दौरान राहुल गांधी और नेकी महाराज के बीच साधु संतों को पार्टी से जोड़ने को लेकर लंबी चर्चा हुई।

Rajasthan में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा दौसा में एक दिन विश्राम के बाद रविवार को जिले के कला खोह से पुनः शुरू हुई। सुबह ठीक 6 बजे हजारों समर्थक राहुल गांधी के साथ नई ऊर्जा के साथ यात्रा पर आगे निकले। उनके स्वागत के लिए लोग सुबह से ही कतारों में खड़े दिखे। 100 दिन की यात्रा पूरी कर चुके राहुल गांधी को पूरी यात्रा में हर वर्ग का साथ देखने को मिला। भारत जोड़ो यात्रा में रविवार को सीकर के संत नेकी महाराज भी शामिल हुए। नेकी महाराज ने राहुल गांधी के साथ काफी दूर तक चलते हुए कई मुद्दों पर चर्चा की। राहुल गांधी ने संत नेकी महाराज से साधु-संतों को कांग्रेस से जोड़ने के बारे में बात की। जिस पर नेकी महाराज ने कहा कि सभी साधु संत एक ही विचारधारा के नहीं है। सब अलग-अलग विचारधारा और मत मतांतर को मानते हैं। नेकी महाराज ने साधु संतों का सम्मेलन बुलाने का सुझाव दिया। सनातन संस्कृति पर चर्चा के दौरान संत ने राहुल से कहा कि वे उनकी विचारधारा से प्रभावित होकर यात्रा से जुड़े हैं।

प्रदर्शनी का किया अवलोकन
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सिकंदरा में लंच ब्रेक में राहुल गांधी ने राज्य सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर दो दिवसीय विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राहुल ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए लाभार्थियों से संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित सरकार के मंत्री विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

भाजपा कांग्रेस के बनाए पिच पर खेलने को मजबूर
भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यात्रा के जरिए राहुल गांधी ने राजनीतिक विमर्श को नई दिशा दी है और कांग्रेस ने पिछले 100 दिन की दिशा तय कर दी है। इससे कांग्रेस भाजपा को अपनी बनाई पिच पर खेलने के लिए मजबूर कर रही है। राहुल गांधी कांग्रेस के वैचारिक आधार को धार देने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी चीन शब्द नहीं बोलते
भारत जोड़ो यात्रा में मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने रविवार को चीन के मामले में भाजपा और प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी चीन शब्द नहीं बोलते हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या सरकार उस देश के साथ अपने नजदीकी संबंधों के कारण खामोश है। रमेश ने कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। जो चर्चा से भाग रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तभी से चीन के साथ उनके नजदीकी संबंध है। देश में वीर सेना और कायर राजा जैसी कहानी जैसी स्थिति है।












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