प्रशासन शहरों के संग : फिर से लग सकेंगी खारिज हुईं 42 हजार अर्जियां, 4 लाख को अटके पट्टे भी मिलेंगे
प्रशासन शहरों के संग : फिर से लग सकेंगी खारिज हुईं 42 हजार अर्जियां, 4 लाख को अटके पट्टे भी मिलेंगे
जयपुर, 28 अप्रैल। राजस्थान सरकार में 'प्रशासन शहरों के संग' अभियान फिर से शुरू होगा। 2 मई 2022 से अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें सबसे अधिक फायदा उन आवेदकों को होगा, जिनके पट्टे पहले फेज (अक्टूबर-दिसम्बर) में अस्वीकृत हो गए थे।

अब नियम सरलीकरण से यदि नियमन योग्य मिले तो राजस्थान में करीब 42 हजार 428 भूखंडधारकों के पट्टे की राह फिर से आसान हो सकेगी। जिन भूखंडधारकों के आवेदन कोरोना की तीसरी लहर के दौरान आए और बजट सत्र चलने व अभियान रुक जाने से दिए नहीं जा सके। ऐसे 4 लाख 6 हजार 260 भूखंडों के नियमन के आवेदन पैंडिंग हैं। इस तरह से प्रदेशभर में करीब साढ़े चार लाख भूखंडधारकों को नए नियमों के साथ पट्टे दिए जाएंगे।
यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल और स्टेट सलाहकार जीएस संधु की अगुवाई में हुई बैठकों में पिछले निरस्त पट्टों को फिर आवेदन खोलने पर सहमति दी गई। बता दें कि राजस्थान में गांधी जयंती पर दो अक्टूबर से शुरू हुए अभियान के पहले चरण में करीब तीन लाख आवेदन आए। इनमें से प्राधिकरणें, यूआईटी के स्तर पर तीन हजार आवेदन व 170 से ज्यादा नगर पालिका, नगर निगम और नगर परिषदों में 53 हजार 500 से अधिक आवेदन पैंडिंग थे। इनमें से कुछ का निस्तारण हो चुका है।
राजस्थान सरकार ने स्टांप डयूटी संबंधी छूट भी बढ़ाई है। 'प्रशासन शहरों के संग' अभियान के दौरान आवंटित किए गए या बेचे गए भूखंडों पर केवल 20 प्रतिशत पर स्टांप डयूटी लिए जाने और भूखंड पर स्थित निर्माण के मूल्य पर स्टांप डयूटी में छूट 31 मार्च 2023 तक बढ़ा दी गई है।
निकायों में नीलामी के जिन प्रकरणों में भूखंडों की 50 फीसदी राशि जमा कराने की तिथि 15 मार्च 2020 के बाद की निर्धारित की गई थी। ऐसे प्रकरणों में भूखंखड की शेष 50 फीसदी राशि 30 सितंबर 2022 तक जमा कराने की अंतिम छूट दी गई। पूर्व में निस्तारित प्रकरणों को फिर से नहीं खोलेंगे। जमा राशि पुन: नहीं लौटाई जाएगी।












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