OPINION: युवाओं के सपनों को पंख लगा रही राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना, जानिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का विजन
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दूरदर्शिता के चलते प्रदेशवासियों के कल्याण और चहुंमुखी विकास के लिए प्रदेश में कई योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रदेश में गहलोत सरकार महंगाई राहत कैंप के जरिए आमजन को राहत देने की कोशिश कर रही है। इसमें गहलोत सरकार की दस योजनाओं से प्रदेशवासियों को लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य के साथ ही शिक्षा का अधिकार भी काम कर रहा है। जिसके जरिए बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में नए विजन पर काम कर रहे हैं। इसके तहत राजस्थान के बच्चों को स्कॉलरशिप के जरिए विदेश के नामी-गिरामी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा दी जा रही है। सीएम गहलोत का विजन है कि राजस्थान के बच्चे विदेश में तालीम लेकर प्रदेश के चहुंमुखी विकास में भागीदार बनें। इसी सोच के साथ गहलोत सरकार ने राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना शुरू की है। इस योजना के तहत युवाओं को सरकारी खर्च पर विदेशों के 150 विश्वविद्यालयों संस्थानों में पढ़ने का मौका मिल रहा है। इस योजन में विद्यार्थी किसी भी विषय कोर्स में प्रवेश पा सकते हैं। सीएम गहलोत की यह योजना युवाओं के सपनों को पंख लगाने में कारगर साबित हो रही है।
इन विश्वविद्यालयों में मिल रहा पढ़ने का मौका
राजस्थान की गहलोत सरकार ने 2021 में राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना की शुरुआत की थी। राज्य सरकार ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड, कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, शिकागो, लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो जैसे संस्थानों में पढ़ने का पूरा खर्चा देने के लिए यह योजना शुरू की है। राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना में साल 2022 में 200 विद्यार्थियों को लाभ मिला। योजना में 30% सीट छात्राओं के लिए आरक्षित है। इस योजना में आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसमें 8 लाख रुपए से कम पारिवारिक आय वालों को प्राथमिकता गई। पहले इस योजना में 50 विदेशी संस्थान शामिल थे। लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 150 संस्थान कर दिए हैं। शुरुआत में इसमें केवल 200 आवेदनों का ही लक्ष्य रखा गया था। 200 सीटों के लिए दो बार आवेदन मांगे गए थे। जिसमें पहली बार 85 और दूसरी बार 123 ही आवेदन आए थे। इनमें से 60 विद्यार्थियों का पात्र होने के बाद चयन हो पाया था। अब गहलोत सरकार ने विदेश में पढ़ने के लिए 500 छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य बना लिया है। योजना के शुरू होने बाद पहले साल 2021-22 में दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में शिक्षा प्राप्त करने के लिए 249 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिली है। स्कीम का लाभ लेने के लिए प्रदेश के सभी छात्रों के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। जहाँ लगभग 500 छात्रों को छात्रवृत्ति स्कीम का लाभ प्राप्त होगा।

छात्रों को विदेश में इन विषयों में मिल रही स्कॉलरशिप
राजस्थान सरकार के अधिकृत सूत्रों के मुताबिक ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंस, एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्ट साइंस, नेचर एंड एनवायरमेंटल साइंस एवं लॉ के लिए 150, मैनेजमेंट एंड बिजनस एडमिनिस्ट्रेशन एवं इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस के लिए 25 और प्योर साइंस एवं पब्लिक हेल्थ विषयों के लिए 25 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जाएगी। इन विषयों में स्थान रिक्त रहने की दशा में इंजीनियरिंग एंड रिलेटेड साइंस, मेडिसिन तथा एप्लाइड साइंस में अधिकतम 15 उम्मीदवारों को छात्रवृत्ति दी जा सकेगी।
सीएम गहलोत ने की योजना के लिए किया नवीन पदों का सृजन
राजस्थान की गहलोत सरकार ने राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के जरिए विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ाई करने का अवसर प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले दिनों योजना के सुचारू व प्रभावी संचालन के लिए विभिन्न नवीन पदों के सृजन को मंजूरी दी है। सीएम गहलोत ने योजना के लिए परियोजना अधिकारी के 6 पद, सूचना सहायक के 3, सलाहकार के 2 पद सहित कुल 13 पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। इससे योजना के संचालन संबंधी विभिन्न कार्य सुचारू रूप से हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट घोषणा 2320 में राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एक्सीलेंस योजना 2021 का दायरा बढ़ाते हुए मेघावी छात्रों की संख्या को बढ़ाकर 200 से 500 कर दिया है।












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