OPINION: राजस्थान मिशन-2030 के जरिए 2023 का चुनावी रण जीतने की तैयारी में अशोक गहलोत, जानिए पूरा मामला
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश के लिए लगातार नई योजनाएं लेकर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान में मिशन-2030 की शुरुआत की है। सीएम गहलोत ने इसका शुभारंभ करते हुए राजस्थान को 2030 तक हर क्षेत्र में अव्वल बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मिशन में जनता को भी भागीदारी चाहते हैं। इसके लिए गहलोत सरकार की प्रदेश के एक करोड़ लोगों को इस मिशन से जोड़ने की योजना है। सरकार इन लोगों से मिशन 2030 को कैसे सफल बनाया जा सकता है। इसके लिए सुझाव लेगी। राजनीति के जानकारों की मानें तो मिशन 2030 के जरिए सीएम गहलोत इस मिशन के जरिए प्रदेश युवाओं और गांवों को साधेंगे। इस अभियान के तहत जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार एक करोड़ लोगों से राजस्थान के लिए सलाह और सुझाव लेगी। स्वाभाविक रूप से लोग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जुड़ाव महसूस करेंगे। इसका फायदा कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में मिलेगा। जानकार यह भी कहते हैं कि मुख्यमंत्री गहलोत का संकल्प राजस्थान को चार गुना प्रगति की रफ्तार से बढ़ाकर दस गुना पर ले जाने का है।
क्या है सीएम गहलोत का मिशन 2030
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अब राजस्थान उस स्थिति में आ गया है कि इसे और आगे बढ़ाया जाए। इसलिए मिशन-2030 लाने का विचार आया। पहले गुजरात आगे बढ़ रहा था। अब राजस्थान बढ़ रहा है। हम झूठे वादे नहीं करते हैं। जो कहते हैं कर के दिखाते हैं। हमने सोशल सिक्यॉरिटी का कानून पास करवाने के लिए प्रधानमंत्री से निवेदन किया है। हम पूरे राजस्थान को सोशल सिक्यॉरिटी देने को तैयार हैं।

ऐसे जोड़ा जाएगा आमजन को मिशन 2030 से
राजस्थान की मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने बताया कि मिशन-2030 का विजन तैयार करने के लिए आम लोगों के सुझाव 8 से ज्यादा माध्यमों से लिए जाएंगे। संवाद होंगे, टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा, वेबसाइट शुरू होगी, फोन कॉल करवाई जाएंगी। ज्यादा से ज्यादा नागरिकों की सहभागिता करवाने पर पूरा जोर दिया जाएगा।
विजन-2030 डॉक्यूमेंट से संवरेगा सपनों का राजस्थान
राजस्थान मिशन-2030 की शुरूआत के मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना विकास, सोलर ऊर्जा, अनाज उत्पादन सहित हर क्षेत्र में देश का मॉडल स्टेट बन गया है। अब हमें 2030 के राजस्थान के सपने को विजन-2030 डॉक्यूमेंट के जरिए साकार करना है। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका रहेगी। गहलोत ने कहा कि पिछले पांच साल में प्रदेश ने चार गुना वृद्धि की है। अब इसे 2030 तक 10 गुना करना है। इसके लिए उन्होंने आम लोगों से सुझाव-विचार मांगे हैं। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार, राजस्थान न्यूनतम आय गारंटी, गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट लाने वाला राजस्थान देश में एकमात्र राज्य है। अब राजस्थान एक विकसित राज्य बने, प्रति व्यक्ति आय, हैप्पीनेस इंडेक्स और निवेश अधिक से अधिक बढ़े। यही हमारी प्राथमिकता है।
सरकारी महकमों की भी होगी भागीदारी
पहले मिशन-2030 के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के विजन डॉक्यूमेंट तैयार करके उनके टारगेट तय किए जाएंगे। पहले सभी विभाग विभागीय मिशन-2030 तैयार करेंगे। इसके बाद राजस्थान का मिशन 2030 दस्तावेज जारी किया जाएगा। सभी सेक्टरों की कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया जाएगा।
मिशन 2030 के जरिए युवाओं और गांवों को जोड़ने की कवायद
राजस्थान में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पिछले कुछ महीनों में गहलोत सरकार ने विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई वेलफेयर स्कीम शुरू की हैं। इनमें महिला, किसान, पशुपालक, घरेलू महिलाएं और बच्चियों को फ्री मोबाइल, फ्री इलाज जैसी योजनाओं की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई। अब इस मिशन के जरिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत युवाओं और गांवों को साधने की कवायद करेंगे। राजनीति से जुड़े लोग बताते हैं कि गहलोत सरकार इस अभियान के जरिए प्रदेश के युवाओं और ग्रामीण परिवेश के लोगों को भी भागीदार बनाएगी। इससे लोगों में कांग्रेस और मुख्यमंत्री गहलोत के प्रति जुड़ाव होगा। इसका फायदा जाहिर तौर पर चुनाव में उनको होगा।












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