6 बार के MLA हेमाराम चौधरी का क्यों हुआ मोहभंग?, पत्नी के सामने 30 साल से कोई नहीं लड़ता चुनाव
जयपुर, 18 मई। कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व मंत्री और सरहदी जिले बाड़मेर की राजनीति में जबरदस्त पकड़ रखने वाले छह बार के विधायक हेमाराम चौधरी का एक बार फिर मोहभंग हो गया है। बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी से विधायक हेमाराम चौधरी ने राजस्थान विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

हेमाराम चौधरी बोले-आज ही स्वीकार करो इस्तीफा
मंगलवार दोपहर को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को ईमेल के जरिए भेजा है। साथ ही उनके पीए को व्हाट्सएप किया है। इस्तीफा भेजने के साथ ही विधायक चौधरी ने कहा है कि उनका इस्तीफा आज ही स्वीकार किया जाए।
हेमाराम चौधरी ने क्यों दिया इस्तीफा
मीडिया से बातचीत में हेमाराम चौधरी ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है और कहा कि वे वजह बाद में बताएंगे। हालांकि राजनीति के जानकारों का कहना है कि हेमाराम चौधरी को अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर इनके समर्थकों ने खासी नाराजगी भी जताई थी। चौधरी खुद भी गहलोत सरकार से नाराज चल रहे हैं।

सचिन पायलट गुट के विधायक हैं चौधरी
गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी सचिन पायलट गुट के विधायक हैं। सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच 36 का आंकड़ा किसी से छुपा नहीं है। राजस्थान सियासी संकट 2020 में भी हेमाराम चौधरी ने अशोक गहलोत सरकार की खुलकर बगावत की थी और सचिन पायलट के खेमे में खड़े नजर आए थे। हेमाराम चौधरी अपने फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के कवर में सचिन पायलट के साथ वाली फोटो लगा रखी है।

हेमाराम चौधरी का राजनीतिक करियर
हेमाराम चौधरी राजनीति में बीते 43 साल से सक्रिय हैं। 1978 में इन्होंने वार्ड पंच का चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद साल 1980, 1985, 1998, 2003, 2008 और 2018 में कुल सात बार विधायक रह चुके हैं। खास बात यह है कि हेमाराम चौधरी हर बार बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी से ही विधायक चुने जाते हैं। ये साल 2003 में अशोक गहलोत सरकार में परिवार कल्याण ( स्वतंत्र प्रभार), कृषि राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। 2013 को चुनाव हार गए थे।

हेमाराम चौधरी की जीवनी
बाड़मेर जिले की बायतू तहसील के गांव बायतू भीमजी में किसान मूलराम चौधरी (धतरवाल) के घर 18 जनवरी 1948 को जन्मे हेमाराम चौधरी ने जोधपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री हासिल की। 1971 में भीखी देवी से शादी की। इनमें एक बेटा और एक बेटी है। बेटे वीरेंद्र का निधन हो चुका है।

हेमाराम चौधरी की पत्नी निर्विरोध सरपंच
गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी के परिवार का राजनीति में खासा दबदबा है। इस बात का अंदाजा इससे भी लगा सकते हो कि हेमाराम चौधरी की पत्नी भीखा देवी के सामने इनके गांव में बीते 30 साल से कोई सरपंच का चुनाव नहीं लड़ता। राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2020 में भीखा देवी छठवीं बार निर्विरोध सरपंच चुनी गई हैं।
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