राजस्थान में किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा किसान साथी पोर्टल, किसानों को घर बैठे मिल रहा लाभ
राजस्थान में किसान साथी पोर्टल से किसानों को घर बैठे लाभ मिल रहा है। किसान राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए इस पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं। सरकार ने पोर्टल से आवेदन की प्रक्रिया को सरल बना दिया है।

प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सिंगल विंड़ो प्लेटफॉर्म के रुप में किसान साथी पोर्टल की शुरुआत की है। किसानों को अधिक सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने इस पोर्टल की पहल की है। इस पोर्टल द्वारा राज्य के किसानों को इज ऑफ डुईंग फार्मिंग के रुप में सुविधाएं दी जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी और आवेदन इसी पोर्टल से किया जा सकता है। पोर्टल से आवेदन की प्रक्रिया को और भी सुगम बनाया गया है। साथ ही साथ इस पोर्टल से आवेदन की पेपरलैस कार्यप्रणाली को अपनाया गया है। ताकि समय की बचत हो और कार्य में पारदर्शिता आए। किसान साथी पोर्टल की सहायता से किसान जन आधार द्वारा आवेदन कर राज्य सरकार की कृषि, उद्यान सबंधी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।

प्रदेश के 10 लाख किसान ले रहे लाभ
राज्य में लगभग 10 लाख किसान इस पोर्टल का उपयोग कर चुके हैं। किसानों को राहत पहुंचाने और उनके कार्य में सरलता और सुगमता लाने में किसान साथी पोर्टल कारगर साबित हो रहा है। अब तक लगभग डेढ़ लाख से अधिक किसानों को 481 करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण ( डीबीटी) के माध्यम से प्रदान किये जा चुके हैं। किसान साथी पोर्टल के माध्यम से बीज, उर्वरक व कीटनाशी के लाइसेंस जारी करने की सुविधा भी प्रदान की गई है। अब तक 50 हजार से अधिक लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं।

पोर्टल पर बनाए गए 11 मोबाईल एप
राज किसान साथी पॉर्टल पर किसानों, व्यापारियों और कार्मिकों के लिए 11 मोबाइल एप बनाए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा खेती से जुड़ी योजनाओं और अनुदान की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए इस एप का विकास किया गया है। राज किसान क्रेता विक्रेता, मोबाईल एप पर खरीददार और विक्रेताओं के पंजीयन के लिए राज किसान क्रेता विक्रेता मोबाईल एप बनाया गया है। राज किसान साथी वेरिफिकेशन मोबाइल एप किसान साथी पॉर्टल को और प्रभावी बनाने के लिए इस एप की शुरुआत की गई है। जिसके माध्यम से क्षेत्र निरीक्षण की स्थिति में मौका रिपोर्ट और मौके पर जियोटैग्ड फोटोग्राफ अपलोड किए जाते हैं। जैविक उपज करने वाले किसान और जैविक उपज खरीदने वाले व्यापारी इस पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। अभी तक हजारों कृषक तथा 500 व्यापारी अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। अब तक 49 हजार से ज्यादा सैम्पल इसके माध्यम से ऑनलाइन लिये जा चुके हैं।

प्रदेश में 30 लाख किसानों को मिनी किट वितरण
राज किसान सत्यापन मोबाइल एप जन आधार के माध्यम से किसानों की समस्त जानकारी एप पर उपलब्ध हो जाती है। एप के द्वारा कृषक बीज मिनीकिट प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते है। इस एप की सहायता से किसानों को अलग-अलग फसल के बीज मिनीकिट वितरित किए जाते हैँ। मिनीकिट वितरित करने के उपरान्त किसानों को उनके मोबाइल पर बीज मिनीकिट का एसएमएस भी प्राप्त होता है। अब तक इसके माध्यम से 30 लाख किसानों को बीज मिनीकिट वितरित किए जा चुके हैं। किसान साथी पोर्टल के माध्यम से एक नियत तिथि तक ड्रिप, स्रिंकलर, पॉली हाउस, पाईप लाईन, फार्म पॉण्ड, कृषि यंत्र आदि सभी योजनाओं के लिए अब तक 10 लाख से अधिक किसान आवेदन कर चुके हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए पोर्टल में लॉटरी निकालने की सुविधा भी मुहैया कराई गई है।

घर बैठे किसानों को मिल रहा योजना का लाभ
इस योजना से किसानों को घर बैठे योजना का लाभ मिल रहा है। चित्तौड़गढ़ के रहने वाले किशन लाल जाट को बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का लाभ मिला है। किशन लाल ने बताया कि उनके किसी परिचित के द्वारा उन्हें किसान साथी पोर्टल के बारे में जानकारी मिली। जानकारी मिलने के बाद किशन लाल ने योजना के तहत फार्म पॉण्ड निर्माण के लिए आवेदन किया था। आवेदन करने के कुछ समय बाद ही फार्म पॉण्ड का निर्माण किया गया एवं ऑनलाइन ही उनका भौतिक सत्यापन हुए। फार्म पॉण्ड निर्माण से उनके सामने आ रही सिचांई की समस्या का समाधान तो हुआ ही, साथ ही दो दिन के अदंर ही उनके बैंक खाते में अनुदान राशि का भुगतान हो गया। किशन लाल के मुताबिक यह पोर्टल प्रदेशभर के विभिन्न किसान भाईयों के लिए समय की बचत का एक जरिया बन गया है।












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