कौन हैं जयपुर की मंजुला भालोटिया, यूपी न्यायिक सेवा परीक्षा में किया टॉप, कभी खेत में चलाती थीं ट्रैक्टर
जयपुर, 17 सितंबर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की बेटी मंजुला भालोटिया ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा में पहला मुकाम हासिल किया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय का परिणाम जारी हुआ है। इसमें मंजुला ने टॉप किया है। मंजुला के अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर चयनित होने से परिवार में जश्न का माहौल है। मंजुला जयपुर की रहने वाली हैं। 2009 में उनकी शादी हरियाणा के रोहतक में हुई थी। उनका परिवार मूलतः झुंझुनू से है।


सोफिया कॉलेज से है ग्रेजुएट
मंजुला जयपुर के टैगोर स्कूल से पढ़ी हैं। सीबीएससी टॉप करने के बाद उन्होंने अजमेर के सोफिया कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए वे यूके चली गई। वहां लीड्स यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। मंजुला के मुताबिक उनका प्लेसमेंट बार्कलेज बैंक में हो गया। बैंक में 2 साल की नौकरी करने के बाद उनके पिता ने वापस बुला लिया। तब उन्होंने तय किया कि वे देश में रहकर ही कुछ करेंगी। वापस आकर मंजुला ने राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की।

शादी के बाद की एलएलबी की पढ़ाई
मंजुला की शादी अक्टूबर 2009 में रोहतक के सुमित से हुई। शादी के बाद मंजुला ने एलएलबी की पढ़ाई की। वे बताती हैं कि पढ़ने में उनकी रूचि को देखते हुए सुमित ने उनका हर कदम पर साथ दिया। उनके पति सुमित कहते थे। तुम जो करना चाहो वह करो। सुमित ने कहा कि जीवन में कभी तुम्हें यह रिग्रेट नहीं होना चाहिए। उस समय साथ दिया होता तो मैं ऐसा कर सकती थी। वैसा कर सकती थी। सुमित की हौसला अफजाई से ही मैं इस मुकाम पर पहुंच पाई हूँ। वे बैंक में जॉब करते थे। लेकिन मैं पढ़ाई पर ध्यान दे सकूं इसके लिए उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ दी और बच्चों को संभाला। पति सुमित ने मेरी जिम्मेदारियों को कम किया ताकि मैं पढ़ाई कर सकूं।

रोहतक की बहू है जयपुर की बेटी
मंजुला बताती हैं कि यह सफर बहुत मुश्किल था। लेकिन सफलता का यकीन पूरा था। उन्होंने बताया कि मैं जयपुर से हूँ और मेरी शादी 2009 में हरियाणा के रोहतक में हुई। मैं डिफरेंट कल्चर से यहां आई तो यहां का कल्चर बहुत अलग था। शुरू में सब आपस में बात करते थे तो मुझे लगता था कि लड़ने वाले हैं। मैं सहन कर अपने कमरे में चली जाती थी। धीरे-धीरे पता चला कि यहां का लहजा ही ऐसा है। मैंने खुद को इस माहौल में एडजस्ट किया। जब जयपुर जाती थी तो सब पूछते थे कि अजीब नहीं लगता क्या वहां। लेकिन अब तो बच्चे भी हरियाणा की भाषा बोलते हैं। धीरे धीरे मैं उस माहौल की आधी हो गई। मंजुला के पिता झुंझुनू में कृषि कार्य करते हैं और उनके ससुर कॉलेज प्राचार्य से सेवानिवृत्त है। उनकी सास भी कॉलेज में प्राचार्य हैं।

झुंझुनू में ट्रैक्टर से खेत जोतती थी मंजुला
मंजुला के पिता झुंझुनू में कृषि कार्य करते थे। अपने पिता के काम में हाथ बंटाने के लिए मंजुला भी ट्रैक्टर से हल चलाया करती थी। साल 2016 में मंजुला ने लॉ की परीक्षाओं में हिस्सा लेने का फैसला किया। 2020 में उन्होंने यूपी जुडिशल सर्विस की परीक्षा दी। अगस्त 2022 में इस परीक्षा के लिए उनके इंटरव्यू हुए और उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया।












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